बिना जांच मध्यरात्रि में लगभग 2 बजे एकल स्थानांतरण आदेश निकालना द्वेषपूर्ण दंडात्मक कार्यवाही, कुचामन के तहसीलदार कैलाश इनानिया के स्थानांतरण की निष्पक्ष समीक्षा व पुनर्विचार को लेकर सौंपा लाडनूं में ज्ञापन

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बिना जांच मध्यरात्रि में लगभग 2 बजे एकल स्थानांतरण आदेश निकालना द्वेषपूर्ण दंडात्मक कार्यवाही,

कुचामन के तहसीलदार कैलाश इनानिया के स्थानांतरण की निष्पक्ष समीक्षा व पुनर्विचार को लेकर सौंपा लाडनूं में ज्ञापन

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद ब्लॉक लाडनूं की ओर से यहां उपखंड अधिकारी ममता लहुआ को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम का सौंप कर किसी भी तरह की निष्पक्ष जांच किए बिना ही और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के चलते हुए भी कुचामन तहसीलदार कैलाश इनानिया को सरकार द्वारा रातोंरात स्थानांतरित करने को लेकर विरोध किया गया।राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद ने इस मामले में कुचामन सिटी तहसीलदार कैलाश ईनाणिया के स्थानांतरण पर निष्पक्ष समीक्षा करते हुए तबादले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। ज्ञापन में लिखा गया है कि राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद एक संवेदनशील विषय संज्ञान में लाना चाहती है कि संयुक्त शासन सचिव राजस्व (ग्रुप-1) विभाग के आदेश क्रमांक प 10 (38) राज-1 /2026 (RajKaj Ref No 22532616) दिनांक 30.05.2026 द्वारा कैलाश ईनाणिया तहसीलदार कुचामन सिटी का स्थानांतरण तहसीलदार, गांगड़ तलाई, जिला बांसवाड़ा किया गया है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट के विधिक दायित्वों के निर्वहन के संबंध में निष्पक्ष जांच किए बिना मध्यरात्रि लगभग 2 बजे एकल स्थानांतरण आदेश निकालना द्वेषपूर्ण दंडात्मक कार्यवाही के रूप में परिलक्षित होता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि 11 दिसम्बर 2025 के आदेश से पदोन्नत लगभग 200 तहसीलदार पदस्थापन्न आदेश की प्रतीक्षा में विगत 6 माह से निम्नतर पूर्व पद पर ही कार्य करने को मजबूर हैं। इस प्रकार जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान बिना निष्पक्ष जांच रातोंरात लोकसेवक का स्थानांतरण लोकसेवकों के मनोबल को गिराता है और उन्हें प्रशासनिक निष्पक्षता से कार्य करने से हतोत्साहित करता है। जिसका प्रतिकूल प्रभाव सरकार की लोक सुशासनकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी पड़ता है। सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आम जन तक उसका लाभ पहुंचाने के लिए तहसीलदार सबसे अहम् भूमिका का निर्वहन करता है। अतः राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद आग्रह करती है कि इस स्थानांतरण के कारणों की निष्पक्ष समीक्षा करवाई जाकर स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही परिषद प्रशासनिक निष्पक्षता के साथ कर्तव्यों के निर्वहन हेतु लोकसेवकों को सशक्त करने वाली पारदर्शी स्थानांतरण नीति की अपेक्षा भी करती है। ज्ञापन की प्रतियां राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व मण्डल के सचिव, प्रमुख सचिव (राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग) एवं निबंधक राजस्व मण्डल अजमेर को भी भेजी गई है।

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Author: kalamkala

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