जैन विश्व भारती नवीनीकरण के साथ सज-धज कर तैयार, विभिन्न नवीन भवन, नवीन वाटिकाएं, साधना स्थल, आवास व्यवस्था आदि के साथ नव-सौंदर्य से उभरा परिसर,
आचार्यश्री महाश्रमण के पावन प्रवेश की तैयारियों को लेकर सभी पदाधिकारी और प्रमुख लोग जुटे हैं जोरों पर
लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्व भारती में अपने आराध्य राष्ट्रसंत आचार्यश्री महाश्रमण के दीर्घकालीन योगक्षेम वर्ष प्रवास के दृष्टिगत ‘परिसर विकास’ की तैयारियां जोरों पर गतिमान है। आचार्यश्री महाश्रमण का योगक्षेम वर्ष के लिए यह प्रवास का अवसर 35 वर्ष पश्चात् आया है और 1989 के बाद जैन विश्व भारती को यह अवसर प्राप्त हुआ है। परिसर संयोजक धरमचंद लूंकड़ ने बताया कि जैन विश्व भारती में आगामी ऐतिहासिक आयोजन के दृष्टिगत प्रत्येक परिप्रेक्ष्य यथा आवास, विद्युत, जलापूर्ति, चिकित्सा आदि जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं हेतु योजनाओं का क्रियान्वयन किया है। सैंकड़ों की संख्या में आने वाले साधु-साध्वियों के प्रवास के लिए भी महाश्रमण विहार, प्रज्ञा निलयम, अहिंसा भवन, भिक्षु विहार, अमृतायन, गौतम ज्ञानशाला आदि अपने नवीन स्वरूप में पूर्णतः तैयार है।
प्रशिक्षण केन्द्र व श्रावक सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार
योगक्षेम वर्ष प्रशिक्षण का वर्ष रहेगा, जिसके लिए ‘बोधिगृहम्’ नाम से प्रशिक्षण केन्द्र का भी स्थापन भी किया गया है। योगक्षेम वर्ष में एक नवीन उपक्रम का भी शुभारम्भ किया जा रहा है-चित्त समाधि शिविरों का उपक्रम, जिसके अन्तर्गत सात दिवसीय शिविर का आयोजन ‘समाधिवरम्’ नामक भवन में पूरे वर्षभर किया जाएगा। आवासीय व्यवस्थाओं के लिए अर्हम कुंज, एकत्वम, आर्जवम, मार्दवम, लाघवम, पुरुषार्थ, परमार्थ ब्लाॅक, जय निलयम, जय भिक्षु निलयम, संवाद, सागर, सत्यम, मैत्री सदन व गुवाहाटी भवन आदि भी श्रावकजन की सुविधाकारी आवासीय व्यवस्थाओं हेतु पूर्णतः तैयार हो चुके हैं।
अनेक पार्क, झूले, जिम, स्कूल, प्रवचन सभागार आदि हुए तैयार
जैन विश्व भारती परिसर की सुरम्यता में ‘महाश्रमण वाटिका’, जो कि अष्टमंगल प्रतीकों से सजी हुई है, कामधेनु पार्क, जय कुंजर पार्क आदि अभिवृद्धि कर रहे हैं। ओपन एयर जिम के साथ-साथ बच्चों हेतु भी झूले आदि स्थापित किए गए हैं। शिक्षा के उपक्रमों नवीनता के लिए ‘महाप्रज्ञ प्रोग्रेसिव स्कूल’ का भी आगामी सेशन से प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रवचन स्थल के रुप में ‘सुधर्मा सभा’ भव्य प्रासाद के रुप में स्थापित हो रही है। जैन विश्व भारती में चिकित्सा सुविधाओं हेतु ‘निरामयम चिकित्सा केन्द्र’ स्थापित किया जा रहा है। सम्पूर्ण परिसर में भूमिगत केबिल का भी स्थापन करवाया जा चुका है। नवीन विद्युत ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया जा चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे भी पूरे परिसर में लगाए गए हैं। सुरक्षित आवागमन हेतु लगभग 6 किमी लम्बी नवीन सड़कें परिसर में बनवायी जा चुकी है। हरितीकरण के अन्तर्गत भी परिसर में सघन हरियाली का अभियान किया गया और वृ़क्षारोपण भी किया गया।
सड़कों व दिशासूचक बोर्डों से बनाया आवागमन सुविधाजनक
जैन विश्व भारती के पीछे साइड में अलग से पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। लाडनूं शहर में भी जैन विश्व भारती की ओर से आने वाले मार्गो पर दिशा सूचक बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। जैन विश्व भारती में आगामी आयोजनों की तैयारियों के लिए अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़, संरक्षक भागचंद बरड़िया, मंत्री सलिल लोढा, सदस्य हंसमुख भाई मेहता, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़, राजेन्द्र खटेड़ व पूरी टीम लगातार मार्गदर्शन कर रही है। जैन विश्व भारती में पूरे वर्ष भर लाखों व्यक्तियों के साथ-साथ, विशिष्ट हस्तियों के आगमन का भी कार्यक्रम रहेगा।







