Ladnun मानवता के मसीहा थे आचार्य तुलसी

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15 दिवसीय प्रेक्षाध्यान योग शिविर में आचार्य तुलसी का 26वां महाप्रयाण दिवस समारोह आयोजित

Ladnun । मुनिश्री विजय कुमार के सान्निध्य में यहां पहली पट्टी स्थित ऋषभ द्वार भवन में चल रहे 15 दिवसीय योग शिविर में आचार्य तुलसी का 26वां महाप्रयाण दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुनि श्री विजय कुमार ने कहा कि नैतिकता के पुजारी, मानव जाति के अग्रदूत, भारतीय संस्कृति के संरक्षक, आधुनिक भारत के सुकरात, भारतीय दर्शन के व्याख्याता आचार्य तुलसी सचमुच में मानवता के मसीहा थे। अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान, जीवन विज्ञान जैसे आयामों द्वारा उन्होंने व्यक्ति, समाज और, राष्ट्र को नई दिशा दिखाई। आगम सम्पादन व साहित्य सृजन द्वारा जिन-शासन को शिखरों पर चढाया। हमें उनके द्वारा बताये हुए मार्ग को अपनाना चाहिए।
मुनि तन्मय कुमार ने कहा कि आचार्य तुलसी ने समाज को ऐसा रास्ता बताया, जिससे समाज की तस्वीर और तकदीर बदली जानी संभव हुई। उन्होंने अपने क्रांतिकारी कदमों से धर्म को नया स्वरूप प्रदान किया। उनमें साहस कूट-कूट कर भरा था। वे महामानव थे। अपने व्यक्तित्व और कृतित्व द्वारा उन्होंने नये श-नये आयाम देश, समाज और धर्मसंघ को दिये।
अणुव्रत समिति के अध्यक्ष शांतिलाल बैद ने स्वागत भाषण में कहा कि संतता से विभूषित वे एक महान संत-पुरुष थे।
समिति के मंत्री डाॅ. वीरेंद्र भाटी मंगल ने आचार्य तुलसी को युगपुरुष बताते हुए कहा कि आचार्य तुलसी ने युग की समस्याओं को सूक्ष्मता से समझा और समाहित भी किया।
इस अवसर पर ललित वर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुशीला दूगड, पार्षद रेणु कोचर, किरण बरमेचा, सुशील पीपलवा आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला सदस्यों द्वारा अणुव्रत गीत के संगान से किया गया। कार्यक्रम में शांतिलाल रैगर, विनोद बोकडिया, संतोष बैद, सरोज बरमेचा, राज कोचर, तारा बोथरा आदि मौजूद थे।

इससे पूर्व हमेशा की भांति योगाचार्य डाॅ. अशोक भास्कर ने योगासनों का प्रयोग करवाते हुए ध्यान करवाया। समिति के उपाध्यक्ष अब्दुल हमीद ने अंत में आभार ज्ञापित किया। संयोजन डाॅ. वीरेंद्र भाटी मंगल ने किया।

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Author: kalamkala

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