लाडनूं में बच्चों में संस्कारों के निर्माण के लिए पांच दिवसीय राष्ट्रीय शिविर का आयोजन, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ शिविर

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लाडनूं में बच्चों में संस्कारों के निर्माण के लिए पांच दिवसीय राष्ट्रीय शिविर का आयोजन,

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ शिविर

लाडनूं (kalamkala.in)। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में एवं साध्वीश्री शरद यशा एवं साध्वीश्री सिद्धार्थ प्रभा की प्रेरणा से पांच दिवसीय ‘संस्कार निर्माण शिविर’ का आयोजन गर्मियों की छुट्टियों के सदुपयोग के लिए किया गया‌। इस राष्ट्रीय संस्कार निर्माण शिविर से बच्चों में नया जोश, नई प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा भरने का प्रयास किया गया। शिविर में 215 बच्चों ने सहभागिता कर अपने जीवन में संस्कारों का निर्माण किया। साथ ही आसपास के अनेक क्षेत्रों करीब 105 बालिकाओं ने भी भीषण गर्मी के बावजूद ज्ञान प्राप्ति के लिए शिविर में लगातार पांच दिनों तक हिस्सा लिया। मुनिश्री जितेंद्र कुमार ने बताया कि शिविर का उद्देश्य नव पीढ़ी में सद्संस्कारों का विकास करना है। शिविर बच्चों में आत्मविकास एवं प्रतिभा निखारने के सुनहरे अवसर के रूप में आयोजित किया गया।

योग, आध्यात्मिक साधना और जीवन की कला सीखने का सफल माध्यम बना शिविर

शिविर में विभिन्न स्पीकर्स एवं योगा टीचर्स ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए बच्चों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया।शिविर में 25 साध्वियों ने विभिन्न कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को ज्ञान, दर्शन, चरित्र की साधना, क्रियाविधि, तत्वज्ञान तथा गीतिकाएं कंठस्थ करवाईं।शिविर में योग विशेषज्ञ हनुमान शर्मा ने विभिन्न योगा के प्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया। सूर्य प्रकाश श्यामसुखा ने मोटिवेशन की कक्षाएं लीं। संजय भानावत ने अंताक्षरी का अभ्यास करवा कर सबका मनोरंजन किया। दीपांशु सेखानी ने साइंस का ज्ञान प्रदान किया। श्रीमती जयश्री डागा ने गेम्स के माध्यम से शारीरिक साधना करवाई। श्रीमती राज बाई गुंनेचा कायोत्सर्ग का अभ्यास करवाया। इनके अलावा शिविर में मुनिश्री जितेंद्र कुमार, मुनिश्री अर्हत कुमार, मुनिश्री विनोद कुमार, मुनिश्री लक्ष्य कुमार, मुनिश्री सुधांशु कुमार, मुनिश्री अमन कुमार, मुनिश्री सुमति कुमार, मुनिश्री देवार्य कुमार, मुनिश्री प्रतीक कुमार आदि संतों ने शिविरार्थियों की कक्षाएं लेकर उन्हें ज्ञानमार्ग और उज्ज्वल जीवन के लिए प्रेरित किया। शिविरार्थी बच्चों को आचार्य श्री महाश्रमण के ज्ञानवर्धक प्रवचन सुनने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

शिविरार्थी बालिकाओं के प्रशिक्षण के लिए की गई विशेष व्यवस्था

इस पांच दिवसीय शिविर में सम्मिलित बालिकाओं के लिए श्रीमती पूजा भूतोड़िया ने योगा की, श्रीमती नीता गादिया ने गेम्स की, श्रीमती प्रेरणा सेखानी ने डायट सम्बंधी क्लासें ली। इनके अलावा बालिका शिविरार्थियों के लिए साध्वीश्री शरद यशा, साध्वीश्री सिद्धार्थ प्रभा, साध्वीश्री कमल विभा, साध्वीश्री प्रबोध यशा, साध्वीश्री सुधांशु प्रभा, साध्वीश्री नंदिता श्री, साध्वीश्री मार्दव यशा, साध्वीश्री जिज्ञासा प्रभा, साध्वीश्री रोहित प्रभा, साध्वीश्री कृतार्थ प्रभा, साध्वी श्री हेमंत प्रभा, साध्वीश्री धन्य प्रभा, साध्वीश्री समता प्रभा, साध्वीश्री सौम्य प्रभा, साध्वीश्री शारदा यशा, साध्वीश्री संस्कृति प्रभा, साध्वीश्री मौलिक यशा, साध्वी श्री प्रसिद्ध प्रभा, साध्वीश्री मधयस्थ प्रभा, साध्वीश्री प्रणत यशा, साध्वीश्री दृशिता प्रभा, साध्वीश्री हर्षित प्रभा, साध्वीश्री संबोध यशा, साध्वीश्री तेजस प्रभा, साध्वीश्री मुकुल यशा, साध्वीश्री करुणा प्रभा, साध्वीश्री भव्य प्रभा, साध्वीश्री सौम्य प्रभा, साध्वीश्री दक्षित प्रभा, साध्वीश्री जिन प्रभा, साध्वीश्री रतना प्रभा, श्रमणी नीति प्रज्ञा, श्रमणी अपूर्व प्रज्ञा, श्रमणी आरोग्य प्रभा आदि एवं अन्य साध्वीवृन्द ने बालिकाओं की क्लासें लेकर उनका ज्ञानवर्द्धन किया और सफल जीवन का मार्ग बताया। इससे शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास एवं आत्मिक उन्नति में अत्यंत सहायक बना।

शिविर की व्यस्त मनोरंजक और ज्ञानवर्धक दिनचर्या का लाभ मिला

शिविर के दौरान प्रतिदिन की दिनचर्या में विद्यार्थियों द्वारा प्रातः 4 बजे ही गुरु दर्शन से लेकर रात्रि 10 बजे तक समय का सदुपयोग करते हुए ज्ञानार्जन करना रहा। इसमें समय पर जागना, दर्शन करना, योगासन करना, नियमित नाश्ता एवं भोजन जैसी व्यवस्थित दिनचर्या बच्चों के जीवन का अभिन्न अंग बन गई। विनम्रता, अनुशासन, संघनिष्ठा, संघभक्ति आदि विषयों पर मुनिवृंदों द्वारा प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही जैन आगम, विज्ञान एवं अन्य ज्ञानवर्धक विषयों पर भी विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की। आचार्य आचार्य भिक्षु से लेकर वर्तमान आचार्यश्री महाश्रमण के जीवन एवं व्यक्तित्व को भी बच्चों ने निकटता से समझा। इन सबके साथ ही ज्ञानार्थ मनोरंजन के अन्तर्गत अंताक्षरी, विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत प्ले एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इन सबने प्रदान कीं शिविर में अपनी सेवाएं

श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा द्वारा आयोजित इस शिविर में लाडनूं के श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महिला मंडल ने सभी बालिकाओं की व्यवस्था एवं देखरेख की जिम्मेदारी संभाली। महिला मंडल की अध्यक्षा आरती कठोतिया एवं मंत्री लीना दूगड़ के नेतृत्व में मंडल की बहनों ने दिन-रात सेवाएं प्रदान कीं। कन्या मंडल का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। तेरापंथी महासभा के शिविर संयोजक राजेश बाफना, सह-संयोजक राकेश चोरड़िया, महासभा से शुभकरण चोरड़िया, कार्यकर्ता पंकज बोथरा, माणक जैन, कुंदन मल सुतरिया, माणक आच्छा, भैरूं लाल चोरड़िया, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महिला मंडल लाडनूं की परामर्शक पुष्पा बैद, उपाध्यक्ष समता बोकड़िया कोषाध्यक्ष सुमन बैद, उप मंत्री सुनीता बैद, पार्षद उपमंत्री रेणु कोचर, प्रचार मंत्री सुमन नाहटा सहित बहुत सी सदस्य बहनें उपस्थिति रही व शिविर में अपनी सेवाएं दी। शिविर का समापन आचार्य श्री महाश्रमण के मंगलवचन और मंगल पाठ के साथ किया गया।

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Author: kalamkala

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