धार्मिक कार्यों में सेवा और त्याग के साथ संस्कृति संरक्षण और चरित्र निर्माण जरूरी- चारण, सहकारिता विभाग के संयुक्त रजिस्ट्रार की पदोन्नति पर किया गया स्वागत-सम्मान

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धार्मिक कार्यों में सेवा और त्याग के साथ संस्कृति संरक्षण और चरित्र निर्माण जरूरी- चारण,

सहकारिता विभाग के संयुक्त रजिस्ट्रार की पदोन्नति पर किया गया स्वागत-सम्मान

लाडनूं (kalamkala.in)। सहकारिता विभाग के अंतर्गत डीडवाना-कुचामन जिले के सहकारी संस्थाओं के असिस्टेंट रजिस्ट्रार एवं संस्थाओं के रजिस्ट्रार पीथदान चारण की संयुक्त रजिस्ट्रार पद पर पदोन्नति होने पर आर्य समाज लाडनूं द्वारा उन्हें बधाई देने के साथ ही उनका सम्मान करते हुए शुभकामनाएं प्रदान की गई। आर्य समाज के प्रधान डॉ. जगदीश यायावर सैनी व संरक्षक मुनि ओमदास ने उन्हें साफा पहनाया गया। आर्य समाज के हिसाब परीक्षक डॉ. राजेन्द्र सिंह आर्य ने उन्हें शॉल ओढाया तथा मंत्री महावीर स्वामी एवं कोषाध्यक्ष मेघाराम स्वामी ने आर्य साहित्य भेंट कर उनका सम्मान किया। इस कार्यक्रम में पहुंचे अन्य लोगों ने भी संयुक्त रजिस्ट्रार का स्वागत-सम्मान किया गया।

बिना लाभ के जुटें सार्वजनिक हितों के लिए सेवा, शिक्षा और सहयोग के कार्यों में

इस अवसर पर संयुक्त रजिस्ट्रार पीथदान चारण ने कहा कि वे राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं में लगातार 28 सालों तक निर्बाध सेवाएं प्रदान कर चुके और हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए काम किया है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थाओं का भी दायित्व होता है कि वे किसी भी तरह के लाभ के बिना सार्वजनिक हितों के लिए सेवा, शिक्षा और सहयोग के कार्यों में जुटे रहें। उन्होंने धार्मिक कार्यों के लिए सेवा और त्याग के साथ संस्कृति संरक्षण और चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि हर धार्मिक संस्था से जुड़े हुए सभी सदस्यों को अपनी संस्था के उद्देश्यों के प्रति निष्ठावान और समर्पित होकर कार्य करना चाहिए।

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Author: kalamkala

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