नियमित योग से रहता है शरीर स्वस्थ, मन स्थिर तथा व्यक्ति तनावमुक्त- डॉ. चारण,
भारत विकास परिषद द्वारा लगाया गया 90 दिवसीय योग शिविर सम्पन्न, पूजा माली को मिला ‘श्रेष्ठ-सहभागी’ पदक, पार्वती प्रजापत एवं शाहीन को मिला ‘उत्कृष्ट अभ्यासी’ पदक




लाडनूं (kalamkala.in)। भारत विकास परिषद लाडनूं के तत्वावधान में स्थानीय राजकीय कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को योग एवं प्रेक्षाध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में छात्राओं को योग, प्राणायाम, ध्यान, आसन आदि के महत्त्व एवं उपयोगिता से अवगत कराया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गजादान चारण ने योग एवं स्वास्थ्य पर बोलते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन-शैली है। नियमित योग से शरीर स्वस्थ, मन स्थिर तथा व्यक्ति तनावमुक्त रहता है। आज के प्रतिस्पर्धी एवं भागदौड़ भरे जीवन में योग मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का श्रेष्ठ माध्यम है। भारत विकास परिषद लाडनूं के अध्यक्ष बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य, संस्कार एवं सेवा-भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे योग को नियमित दिनचर्या में अपनाकर स्वयं को स्वस्थ एवं सक्षम बनाएं।
90 दिवसीय योग कक्षाओं की थी जानकारी
योग-प्रशिक्षक दिव्या माथुर ने महाविद्यालय में सम्पन्न 90 दिवसीय योग कक्षाओं, अभ्यासों एवं परीक्षणों की जानकारी देते हुए योग के विविध लाभ बताए। उन्होंने योग करने वाली एवं योग न करने वाली छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्पष्ट अंतर को भी रेखांकित किया। भारत विकास परिषद की महिला सहसंयोजिका तारामणि चौहान ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर व्यक्ति न केवल रोगमुक्त रह सकता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संयम एवं आत्मबल भी प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए सुरेन्द्र कागट ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य तथा आयोजन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार सहित भारत विकास परिषद के नितेश माथुर, ललित नारायण सोनी, पूनम पीपलवा, पूजा जांगिड़ तथा आइक्यूएसी सदस्य डॉ. सुमन गोदारा आदि उपस्थित रहे।
प्रमाण-पत्र प्रदान किए, पुरस्कृत किया
इस अवसर पर योग एवं प्रेक्षाध्यान कक्षाओं में सहभागिता करने वाली 50 छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। योग एवं प्रेक्षाध्यान कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, सतत अभ्यास एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर छात्रा पूजा माली को ‘श्रेष्ठ-सहभागी’ के पदक से नवाजा गया, वहीं पार्वती प्रजापत एवं शाहीन को ‘उत्कृष्ट अभ्यासी’ के रूप में पुरस्कृत किया गया। राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।







