लाडनूं की जन समस्याओं को लेकर श्री आनंद परिवार सेवा समिति करेगी जन आंदोलन : ज्ञापन, रैली, धरना, प्रदर्शनों का होगा आयोजन,
बस स्टैंड, रेलवे फाटक और सरकारी अस्पताल के सुधार के मुद्दे रहेंगे आंदोलन की प्राथमिकता
लाडनूं (kalamkala.in)। शहर की ज्वलंत समस्याओं के कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए श्री आनंद परिवार सेवा समिति द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। इसके तहत शीघ्र ही उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देने, विरोध रैली निकालने और धरना-प्रदर्शन आदि द्वारा जन आंदोलन चलाया जाएगा। यह आंदोलन आम जनता को साथ लेकर छेड़ा जाएगा और समस्याओं के हल तक निरंतर जारी रखा जाएगा।
नगर पालिका और अस्पताल होंगे प्राथमिक मुद्दे
समिति के अध्यक्ष मनजीत पाल सिंह ने बताया कि नगर पालिका और चिकित्सा विभाग नाकामी का शिकार है, जिससे अपनी सेवाओं से लोगों को लाभान्वित किए जाने के बजाय उनके लिए नित नई परेशानियां पैदा की जा रही है। उन्होंने यहां प्रेस को सम्बोधित करते हुए बताया कि लाडनूं के खंदेड़े को पाट दिए जाने और माजीसा के तालाब को पाट कर उसके पानी को डायवर्ट करके बस स्टेंड पर निकाल दिए जाने से बरसात के समय लाडनूं का बस स्टेंड लबालब भर जाता है। यहां बनाया गया बौरवेल भी इस अथाह पानी को झेल नहीं पाता और बस स्टेंड पर सभी आटो चालकों, बसों आदि वाहनों, यात्रियों, नागरिकों आदि सभी के लिए आवागमन बंद ही हो जाता है। इसके बाद वहां पूरे शहर से आया कीचड़ कई-कई दिनों तक नहीं हटाए जाने से पूरा बस स्टैंड दलदल बन जाता है। इससे सुखदेव आश्रम जैन मंदिर का प्रवेश मार्ग बंद हो जाता है, खाखीजी की बगीची के सिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इसका स्थाई समाधान प्रशासन को निकालना चाहिए।
रेल्वे फाटक पर भी है समस्या विकराल
उन्होंने बताया कि इसी तरह रेलवे क्रॉसिंग फाटक के सामने स्टेडियम के पास पानी के भराव की गंभीर समस्या से नागरिक गण ही नहीं सभी अधिकारी भी रूबरू होते हैं, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकाला जा रहा है। लम्बे समय से यह समस्या बनी हुई है। इसके लिए प्रशासन को स्थाई समाधान करके लोगों को समस्या से निजात दिलानी चाहिए। बस स्टैंड से लेकर राहूगेट, सुख सदन होकर गांधी चौक तक का सड़क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे वाहन चालकों ही नहीं पैदल गुजरने वाले लोग भी परेशान हैं। इस सड़क मार्ग को पुनर्निर्मित करवाया जाना चाहिए।
राजकीय चिकित्सालय के हैं बदतर हालात
मंजीत पाल सिंह ने बताया कि लाडनूं के राजकीय उप जिला चिकित्सालय के हालात भी बदतर बने हुए हैं। यहां अधिकांश डाक्टर अस्पताल में मरीजों को देखने के बजाय प्राइवेट प्रैक्टिस में लगे रहते हैं। अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं की हालत तो बस बहुत ही खराब है। यहां आपातकालीन मरीज को देखने के लिए डाक्टर जल्दी से नहीं आते, जिससे मरीज की हालत बिगड़ती जाती है। रात के समय तो कॉल के बावजूद डाक्टर बड़ी देर तक आते नहीं और आने में आनाकानी भी करते हैं। इसी कारण यहां से अधिकतर घायलों व गंभीर मरीजों को हाई सेंटर के लिए रैफर कर दिया जाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी अस्पताल में बदतर है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की बहुत आवश्यकता बनी हुई है। मंजीत पाल सिंह ने बताया कि ऐसी बहुत सारी समस्याओं को लेकर प्रशासन उदासीन है। प्रशासन की आंखें खोलने और उसे जनता के हित में जागरूक बनाने तथा समस्याओं का समाधान करके जनता को राहत देने के लिए जन आंदोलन चलाया जाएगा। इसके तहत शीघ्र ही ज्ञापन, रैली, धरना-प्रदर्शन आदि सभी आयोजन किए जाएंगे।







