सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को विरूपित करने पर राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 के तहत होगी सख्त कार्यवाही,
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर जारी किए आदेश-निर्देश
डीडवाना (kalamkala.in)। राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार होने वाले नगर निकायों के आम चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अवधेश मीना ने डीडवाना-कुचामन जिले के समस्त नगर पालिकाओं और नगर परिषद की सीमाओं के भीतर संपूर्ण क्षेत्र में ‘राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006’ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है।
सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर प्रतिबंध
इस अधिनियम के तहत जिले के शहरी क्षेत्रों में स्थित किसी भी भवन, झोंपड़ी, स्मारक, मूर्ति, जलपाईप लाईन, लोक सड़क, संरचना, प्रांगणभित्ति सहित दीवार, पेड़, बाड़, खम्भा, बल्ली या किसी अन्य परिनिर्माण और लोक स्थान पर कोई भी व्यक्ति किसी भी रूप में संपत्ति को विरूपित नहीं कर सकेगा।
इन गतिविधियों पर रहेगी सख्त रोक
बिना सक्षम अनुमति के किसी भी संपत्ति पर थूकना या पेशाब करना, पेम्फलेट, पोस्टर या विज्ञापन चिपकाना, स्याही, चाक, रंग या किसी अन्य सामग्री से लिखना या चिह्नित करना तथा संपत्ति के स्वरूप या सौंदर्य को बिगाड़ने इत्यादि कार्य करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान
जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार इस अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत प्रथम बार अपराध करने पर एक माह तक का कारावास, या न्यूनतम 5,000 रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। दूसरी या आगामी बार अपराध करने पर: दो माह तक का कारावास, या न्यूनतम 10,000 रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं दी जा सकती हैं।
ये सब भी होंगे अपराध की श्रेणी में
अधिनियम के तहत केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाना ही नहीं, बल्कि ऐसा करने का प्रयास करना, किसी को उकसाना, सामग्री उपलब्ध कराना या वित्तीय सहायता देना भी अपराध की श्रेणी में आएगा। इस अधिनियम के अधीन आने वाले सभी अपराध संज्ञेय प्रकृति के होंगे।जिला प्रशासन ने आमजन और सभी राजनीतिक दलों से चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।






