देश को स्वावलम्बी और विकसित बनाने में युवाओं का विशेष योगदान- कुलपति प्रो. दूगड़,
विश्वविद्यालय परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह पूर्वक बनाया




लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ व जैन विश्व भारती परिसर संरक्षक डाॅ. धरमचंद लूंकड़ ने झंडारोहण किया। एनसीसी की कैडेट्स ने परेड के साथ झंडे को सलामी प्रदान की। कार्यक्रम मंें कुलपति प्रो. दूगड़ ने कहा कि देश आज पूर्ण स्वावलम्बी बन गया है। आर्थिक, सामरिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में विश्व के अन्य देशों की तुलना में भारत काफी उंचाइयों पर पहुंच चुका है। उन्होंने देश की सामरिक दृष्टि से मजबूती का जिक्र करते हुए केवल राफेल इंजिन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के अन्य क्षेत्रों में की गई प्रगति के बारे मे ंभी बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उन्नति करेंगे तो देश को विकसित भारत बनने की दिशा में सम्बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस ऐसा अवसर है, जिसमें हर नागरिक के लिए देशभक्ति की भावना को प्रबल बनाने और उसे अधिक सुदृढ़ करने के संकल्प का मौका मिलता है। कुलपति ने कहा कि हम सबको मिलकर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से कार्य करते हुए अपने गणतन्त्र को और भी गौरवशाली बनाना चाहिए।
कार्यक्रम में छात्राओं ने राष्टभक्ति से ओतप्रोत युगल गीत, समूह गीत प्रस्तुत किए। योग के विद्यार्थियों ने योग-प्रदर्शन करके लोगों का अचम्भित किया। कार्यक्रम में कुलसचिव देबाशीष गोस्वामी, विताधिकारी आरके जैन, उप कुलसचिव अभिनव सक्सेना, सहायक कुलसचिव दीपाराम खोजा, पंकज भटनागर, प्रो. रेखा तिवाड़ी, डाॅ. रामदेव साहू, डाॅ. सत्यनारायण भारद्वाज, डाॅ. रविन्द्र सिंह राठौड़, डाॅ. बलबीर सिंह चारण, डाॅ. जेपी सिंह, शरद जैन, दीपक माथुर, प्रकाश गिड़िया, रोहित राठौड़, डाॅ. लिपि जैन, डा. प्रगति भटनागर, डाॅ. प्रगति चैरड़िया, डाॅ. वीरेन्द्र भाटी मंगल, देशना चारण, डाॅ. आभा सिंह, महिमा जैन, मनीषा चैहान, मनीष सोनी, राजेन्द्र बागड़ी, घासीलाल शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. युवराजसिंह खंगारोत ने किया।







