विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती सरासर अव्यवहारिक निर्णय, विरोध में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, भीषण गर्मी व लू के बावजूद सरकार ने लिया गलत निर्णय

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती सरासर अव्यवहारिक निर्णय, विरोध में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन,

भीषण गर्मी व लू के बावजूद सरकार ने लिया गलत निर्णय

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रान्तीय आह्वान पर ब्लॉक अध्यक्ष नानू राम गोदारा के नेतृत्व में लाडनूं एसडीएम को अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) के नाम का ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन बताया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई ‘शिविरा’ में शिक्षण सत्र 2026-27 में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि 17 मई से 20 जून कर दी गई है, जो कि अनुचित ही नहीं बल्कि अव्यावहारिक भी है। क्योंकि, राजस्थान जैसे गर्म प्रदेश में जून महिने में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस रहता है तथा भयंकर गर्म हवाएं (“लू”) भी चलती हैं।‌ बहुत सारी ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों में विधुत, पेयजल आदि की व्यवस्थाएं भी नहीं है। जिससे गांव व दूर-दराज की ढाणियों से स्कूल आने वाले बच्चों को बहुत सारी स्वास्थ्य सम्बन्धी विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। भयंकर गर्मी और “लू” भरी हवाओं के बीच विद्यार्थियों के तापघात की चपेट में आने की पूरी संभावना रहती है। प्रचंड गर्मी के दौरान कक्षा-कक्षों में बैठना भी कष्टकारी होता है। इस दौर में विद्यालयों में छाया, शुद्ध पेयजल आदि का अभाव भी रहता है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई करना व करवाना दुस्साहस भरा काम है। इन विपरीत परिस्थितियों और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश पहले की भांति 17 मई से 30 जून तक ही रखा जाए।

शाला प्रधान के अवकाश अधिकार में कटौती अनुचित

इस मांग के अलावा ज्ञापन में बताया गया है कि संस्था प्रधानों के द्वारा घोषित किए जाने वाले अवकाशों की संख्या भी कटौती करके दो से घटाकर एक कर दी गई है। इसमें भी पहले की भांति संस्था प्रधानों को दो अवकाश घोषित करने का अधिकार होना चाहिए। संगठन की ज्ञापन के माध्यम से मांग है कि इन सभी अवकाशों में कटौती नहीं करके पूर्व वर्षों की भांति ही सभी अवकाशों को यथावत रखा जावे। इसके अतिरिक्त ज्ञापन में स्कूलों में खाली पड़े पदों पर सभी संवर्गों के शिक्षकों की डीपीसी करके पदों को भरने व सभी तरह की भौतिक सुविधाएं विद्यालयों को उपलब्ध करवाने का कष्ट करावें।

उपार्जित अवकाश देने की मांग पर की वार्ता

ज्ञापन देने के साथ ही शिक्षकों द्वारा लाडनूं एसडीएम मीनू वर्मा से वार्ता करके विद्यालयों में छुट्टियों के दौरान एसआईआर (मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम) का काम करने वाले कार्मिकों को पीएल उपार्जित अवकाश देने की मांग की गई। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि दो-तीन दिन में उपार्जित अवकाश की स्वीकृति के आदेश जारी कर देंगे।‌ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक मंत्री सोहन राम डुकिया, जिला सभाध्यक्ष सहदेव मण्डा, ग्रामीण उपाध्यक्ष कन्हैयालाल खिलेरी, पेंशनर्स संघ के ब्लॉक अध्यक्ष छगनलाल रैगर, संरक्षक धनादास साद, कालू सिंह, बीरबल राम, रामनिवास स्वामी, ओमप्रकाश दहिया, संजय चोटिया, रामेश्वर पूनिया, जयराम खिलेरी, कंवरी सिंह खिलेरी, हनुमान, बोदूराम, हनुमान राम सहित दर्जनों शिक्षक शामिल रहे।

kalamkala
Author: kalamkala

One Response

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

शहर चुनें

Follow Us Now