लाडनूं में चोरियों को लेकर दिया जा रहा धरना पांचवें दिन भी रहा जारी,
मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा, क्षेत्र की संस्थाओं से मांगा सहयोग
लाडनूं (kalamkala.in)। चोरियों का खुलासा करने, चोरों को पकड़ने और चेारी गए माल की बरामदगी को लेकर यहां तहसील कार्यालय के सामने धरना लगा रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को पांचवें दिन भी अपना धरना जारी रखा। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम का एक ज्ञापन यहां नायब तहसीलदार को सौंपा और हीरावती की एक करोड़ की चोरियों का 13वें दिन तक भी कोई पता नहीं लगा पाने पर पुलिस के प्रति रोष प्रकट किया। धरनार्थियों ने बार संघ, प्रलेख लेखक संघ, व्यापार मंडल, पूर्व सैनिक संघ, विभिन्न शिक्षक संघों, अम्बेडकर विचार मंच आदि यहां की विभिन्न संस्थाओं को भी पत्र भेजकर धरने मंे उनका समर्थन मांगा है। गौरतलब है कि गत 31 अगस्त को हीरावती व पास के खारा गांव में तीन मकानों में चोर घुसे और करोड़ करीब की नकद राशि व सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर डाला।
13 दिन बाद भी नहीं लगा पाए कोई पता
ग्रामीणों की तरफ से दिए गए मुख्यमंत्री के नाम के ज्ञापन में बताया गया कि हीरावती चोरी प्रकरण में गठित संघर्ष समिति की ओर से यथाशीघ्र चोरों को पकड़कर माल बरामदगी करने व चोरी की घटनाआंे पर अंकुश लगाने के लिए पुख्ता कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए जाकर आमजन को राहत दिलाई जाए। ज्ञापन में बताया गया कि 31 अगस्त की मध्यरात्रि को लाडनूं तहसील के ग्राम हिरावती व आसपास के क्षेत्र में करीब 4 जगह चोरी की घटनाएं हुई, जिनमें करीब डेढ करोड़ रूपये के सोने चांदी के गहने तथा नकदी रूपये की चोरी हुई है। इससे पूर्व में भी सैकड़ों घटनाएं चोरी की इस क्षेत्र में हो चुकी है। हिरावती की चोरी की घटना के सम्बंध में पुलिस थाना लाडनूं में एफ.आई. नम्बर 149/25 दर्ज है, लेकिन घटना के 13 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई सन्तोषप्रद कार्यवाही पुलिस द्वारा नहीं की गई है। इससे लोगांे में भय व भारी आक्रोश है। इसी कारण 8 सितम्बर से हजारों लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया तथा संर्घर्ष समिति का गठन कर तहसील परिसर के सामने क्रमिक धरना अनिश्चितकाल तक जारी रखने का निर्णय लिया, जो पांचवें दिन भी लगातार जारी है।
इन सबने दिया ज्ञापन
शुक्रवार को धरने पर बैठने वालों और ज्ञापन देने वालों में नाथूराम कालेरा, गोरधनसिंह, हरीश मेहरड़ा, चंपालाल, अयूब खां मोयल, विकास बुरड़क, किशनलाल डूडी, रामगोपाल, रामदेव, प्रकाश, सुनील डूडी, प्रेमाराम डूडी, भंवरलाल साख, हनुमानराम, तुलसीराम, आशाराम बेड़ा, नाथुराम, पूर्व सरंपच सुनारी भंवर लाल, हरीश बेरा, नथूराम प्रजापत, लिखमाराम, नानूराम ढाका, बिरदाराम, कृष्ण, शिवकरण, रामचन्द्र आदि शामिल रहे। ज्ञापन की प्रतियां पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक रेंज अजमेर, जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।



