एक नमूने से ही खुल गई सरकारी स्कूलों की पोल,
तिपनी के विद्यालय के आकस्मिक निरीक्षण में मिली विभिन्न अनियमितताएं,
सीबीईओ ने दिया पीईईओ ढींगसरी को अनुशासनात्मक कार्रवाई सम्बंधी कारण बताओ नोटिस
लाडनूं (kalamkala.in)। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने क्षेत्र के विद्यालयों को चाक-चैबंद करने और शिक्षकों व अन्य कार्मिकों की कार्यशैली को सुधारने और शिक्षा का स्तर ऊंचा करते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की सुव्यवस्था कायम करने की दिशा में कमर कस ली है। एडिशनल सीबीईओ कल्याण सिंह राठौड़ ने क्षेत्र के विद्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण के अपने अभियान के तहत शुक्रवार को सुबह जल्दी ही तिपनी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, मिड डे मील के रजिस्टर संधारण में लापरवाही आदि विभिन्न तरह की अनियमितताएं भी विद्यालय में पाई गई, जिनके लिए पीईईओ विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढींगसरी को कारण बताओ नोटिस दिया है। साथ ही उन्हें तिपनी के विद्यालय को नोटिस देकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
दीवारें फांद रहे थे बच्चे
निरीक्षण के लिए विद्यालय पहुंचे एसीबीईओ कल्याण सिंह राठौड़ ने पाया कि सुबह 7.35 बजे तक विद्यालय के गेट का ताला भी नहीं खोला गया था और विद्यार्थी बालक चारदीवारी को लांघ कर विद्यालय में प्रवेश कर रहे थे। हालांकि एसीबीईओ के वहां पहुंचने के बाद गेट का ताला खोल दिया गया। परन्तु इस लापरवाही और अन्य विभिन्न अनियमितताओं और विद्यालय की समयबद्धता के अभाव को गंभीरता से लिया गया। विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि बच्चों में दीवारें फांदने की अनुचित प्रवृत्ति को पनपने से रोका जाए तथा उन्हें अनुशासन सिखाया जाए।
घासफूस में विषैले जीवों की संभावना से खतरा
इस मामले में सीबीईओ कार्यालय ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढींगसरी को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में बताया गया है कि 12 सितम्बर को प्रातः 07.30 ए.एम. पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तिपनी का औचक निरीक्षण किये जाने पर विद्यालय के मेन गेट पर ताला लगा हुआ पाया गया, जो उनकी उपस्थिति में सुबह 7.35 बजे खोला गया था। समय पर ताला नहीं खोले जाने के कारण विद्यार्थी विद्यालय की चारदीवारी को फांदकर विद्यालय में प्रवेश करते हुए पाये गये तथा विद्यालय के अन्दर और बाहर दीवारों के पास में घास-फूस व कचरा पाया गया, जिसमें हर समय सर्प इत्यादि विषैले जीवों के होने का खतरा बना हुआ रहता है। विद्यालय की उपस्थिति-पंजिका का निरीक्षण करने पर एक अध्यापक सोहनराम द्वारा विद्यालय में देरी से पहुंचने के पश्चात् उपस्थिति पंजिका में स्वयं के हस्ताक्षर वाले कॉलम में आधे आकस्मिक अवकाश का अंकन किया गया। समय पर नहीं पहुंचने पर समस्त विद्यालय स्टाफ को अपने हस्ताक्षर के साथ विद्यालय में पहुंच का सही समय भी अंकन करने के लिए निर्देशित किया गया।
बिना चखे ही वितरित हो रहा था पोषाहार
नाटिस में बताया गया है कि विद्यालय के पोषाहार का अवलोकन करने पर 4 अगस्त के बाद से अभी तक पोषाहार चखने का संदर्भ विवरण पोषाहार-रजिस्टर में दर्ज नहीं होना पाया गया, यानि पिछले एक माह से बिना चखे ही पोषाहार का वितरण विद्यार्थियों को किया जा रहा था। विद्यालय कक्षा-कक्ष निरीक्षण के दौरान कांलाश में अध्यापकों के पास मोबाईल पाये गये, जिससे प्रतीत होता है कि कांलाश के दौरान अध्यापकों द्वारा मोबाईल का भी उपयोग किया जा रहा था, जो उचित नहीं है। निरीक्षण में विद्यार्थियों की गृहकार्य पुस्तिकाओं में किए गए गृहकार्य का निरीक्षण नहीं किया गया था। इस प्रकार विद्यालय के निरीक्षण में पोषाहार, अध्यापन कार्य एवं विद्यालय स्टाफ का समय पर विद्यालय में नहीं पहुंचना आदि अनियमितताओं से स्पष्ट है कि अपने पीईईओ क्षेत्राधीन इस विद्यालय का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य यथासमय सम्पादित नहीं किया जा रहा है। यह कृत्य राजकार्य के प्रति उदासीनता का द्योतक है। तथा यह राजकीय आदेशों की अवहेलना है।
पीईईओ को दी गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में पीईईओ के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव तैयार किये जाकर विभाग को प्रेषित कर दिये जाने की चेतावनी के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही इस विद्यालय का अब तक किए गए निरीक्षण की पूरी जानकारी मांगी गई है। अन्यथा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही करने सम्बंधी प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने की चेतावनी दी गई है। उन्हें राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तिपनी में कार्यरत समस्त स्टाफ को अपने स्तर पर तत्काल नोटिस जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश देते हुए सीबीईओ कार्यालय को सूचित करने को कहा गया है।






