विरासत की खातेदारी का 65 साल बाद किया जा सका ग्रामीण सेवा शिविर में विभाजन, बुजुर्ग काश्तकारों ने जताया प्रशासन का आभार

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विरासत की खातेदारी का 65 साल बाद किया जा सका ग्रामीण सेवा शिविर में विभाजन, बुजुर्ग काश्तकारों ने जताया प्रशासन का आभार

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर 2026 में लाडनूं तहसील की ग्राम पंचायत सांवराद के ग्राम दताऊ में पिछले 65 सालों से शामलाती चल रही खातेदारी को तत्काल प्रस्ताव तैयार करवाया जाकर विभाजन को स्वीकृत किया जाकर विरासत के खेतों के दोनों हकदार खातेदारों की खातेदारी अलग-अलग करके उनको राहत प्रदान की गई। ग्राम दताऊ के खसरा नम्बर 4.158, 173, 176 में 65 वर्ष पूर्व विरासत से प्राप्त खातेदारी की भूमि शामिल में चली आ रही थी। काश्तकार गिरधारी और खींवाराम ने शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी ममता लहुआ और सहायक शिविर प्रभारी तहसीलदार अनिरूद्ध देव पाण्डेय को भूमि का विभाजन करने का आवेदन किया। काश्तकारों ने बताया कि भूमि का विभाजन नहीं होने के कारण वे सब सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं तथा विभिन्न अनावश्यक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।उपखण्ड अधिकारी ममता लहुआ के निर्देशन में सहायक शिविर प्रभारी ने भू-अभिलेख निरीक्षक आर्यन ढालिया व हल्का पटवारी दुलीचंद को विभाजन प्रस्ताव तैयार कर पेश करने हेतु निर्देशित किया। हल्का पटवारी ने विभाजन प्रस्ताव तैयार करवाकर सहायक शिविर प्रभारी के समक्ष पेश किया। सहायक शिविर प्रभारी ने अविलंब विभाजन स्वीकार कर काश्तकारों को राहत प्रदान की। दोनों बुजुर्ग काश्तकारों ने 65 वर्ष बाद विरासत से प्राप्त अपनी खातेदारी भूमि के विभाजन होने पर खुशी जाहिर करते हुये शिविर प्रभारी और उपखंड प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है।

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Author: kalamkala

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