कब मिलेगी लाडनूं-डीडवाना-सुजानगढ को पर्याप्त रेल सुविधाएं, यात्रियों को है इंतजार, ट्रेनों के विस्तार एवं नई ट्रेनों के संचालन की मांग को लेकर रेलमंत्री को लिखा पत्र

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कब मिलेगी लाडनूं-डीडवाना-सुजानगढ को पर्याप्त रेल सुविधाएं, यात्रियों को है इंतजार,

ट्रेनों के विस्तार एवं नई ट्रेनों के संचालन की मांग को लेकर रेलमंत्री को लिखा पत्र

लाडनूं (kalamkala.in)। उत्तर पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य अनिल कुमार खटेड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर जोधपुर रेल मण्डल के अधीन डेगाना-रतनगढ़ खण्ड होते हुए अनेक नई ट्रेनों के संचालन व इस मार्ग पर पहले से चल रही ट्रेनों के विस्तार की मांग की है। खटेड़ ने लिखा है कि जोधपुर मण्डल का डेगाना-रतनगढ़ खण्ड कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। इस खण्ड पर छोटी खाटु, डीडवाना, लाडनूं, सुजानगढ़, ताल छापर, पड़िहारा और लोहा जैसे स्टेशन हैं, जहां के बहुत से लोग देश के विभिन्न राज्यों में प्रवास करते है। इस खण्ड पर छोटी खाटु स्टेशन पर प्रसिद्ध निर्भयराम जी की बगीची है। आभानगरी एवं उपकाशी के उपनामों से विख्यात डीडवाना जिला मुख्यालय है, वहीं पूरे भारत भर के प्रसिद्ध हिन्दु आस्था के केंद्र नागौरिया व झालारिया पीठ के दर्शनीय मंदिर भी डीडवाना में ही हैं। लाडनूं जैन श्वेताम्बर तेरापंथी धर्मसंघ के नवमाचार्य आचार्यश्री तुलसी की जन्मस्थली है और यहां स्थित जैन विश्व भारती एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था है। इसके अलावा प्राचीन सरावगी जैन मंदिर भी यहां के दर्शनीय स्थलों में से एक है। सुजानगढ़ में प्रसिद्ध वैंकटेश मंदिर है और पास में ही विश्व प्रसिद्ध सालासर बालाजी मंदिर अवस्थित है। सुजानगढ़ से ही आगे के ताल छापर स्टेशन को कृष्ण मृग अभ्यारण्य के रूप में ख्याति मिली हुई है। इतना सब कुछ होने और दूर-दूर से यात्रियों के निरंतर आवागमन करने के बावजूद रेलवे इस क्षेत्र की सदैव उपेक्षा करता रहा है और आईआरटीटीसी में स्वीकृत होने के बाद भी कई नई गाड़ियों का विस्तार/संचालन टालता रहा है।

जोधपुर-सराय रोहिल्ला को ऋषिकेश तक विस्तारित किया जाए

खटेड़ ने लिखा है कि जोधपुर से सराय रोहिल्ला के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 22481/22482 को IRTTC -2019 में ऋषिकेश तक विस्तारित करने हेतु उत्तर रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे व रेलवे बोर्ड ने अपनी स्वीकृति दी थी। तब से इस क्षेत्र की जनता इस ट्रेन के विस्तार का इंतजार कर रही है। आश्चर्य है कि उत्तर रेलवे अपनी ही दी गई स्वीकृति को ही मूर्तरूप नहीं दे रहा है। यद्यपि इसके बाद प्रतिवर्ष की IRTTC में इसकी स्वीकृति दी जाती रही है। रेल मंत्रालय को इस विषय को संज्ञान में लेकर इस ट्रेन का विस्तार ऋषिकेष तक करवाना चाहिए।

इन सभी ट्रेनों का भी हो विस्तार

इसके अलावा IRTCC 2023 में भी गांधीधाम अमृतसर के बीच नई ट्रेन चलाने, ट्रेन संख्या 22919/22920- चेन्नई अहमदाबाद का हिसार तक और ट्रेन संख्या 22421/22422 दिल्ली-सरायरोहिल्ला जोधपुर का गांधीधाम तक विस्तार करने की स्वीकृति भी IRTTC 2023 में दी गई थी। इसी तरह ट्रेन संख्या 15623/15624- भगत की कोठी-कामाख्या का विस्तार भी स्वीकृत है। लेकिन अब तक ना तो नई ट्रेन चली है और ना ही ट्रेनों का विस्तार हुआ है।

ये नई ट्रेनें चलाई जाएं

इसके अलावा क्षेत्र की नई ट्रेन की मांगों में ‌प्रमुख- गोरखपुर से जोधपुर, हनुमानगढ़ से बंगलौर, हिसार से रामेश्वरम, हनुमानगढ़ से हैदराबाद, बीकानेर- रतनगढ़- डेगाना -मेड़ता रोड, बीकानेर -रतनगढ़ डेगाना -जयपुर ट्रेन, सरदारशहर -रतनगढ़- डेगाना -जोधपुर ट्रेन आदि भी काफी समय से पेंडिंग है।अगर इन ट्रेनों का संचालन/ विस्तार होता है तो इससे ना केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि रेलवे की आय में भी आशातीत वृद्धि होगी। रेल मंत्रालय व‌ संबधित रेल अधिकारियों को जनहित में त्वरित निर्णय लेकर इन सभी ट्रेनों का संचालन/विस्तार सुनिश्चित करना चाहिए।

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Author: kalamkala

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