यज्ञ से मिलते हैं शारीरिक, मानसिक, भौतिक, आत्मिक और आध्यात्मिक लाभ- महीपाल आर्य,
लाडनूं आर्य समाज मंदिर में यज्ञ-सत्संग कार्यक्रम आयोजित


लाडनूं (kalamkala.in)। स्थानीय आर्य समाज मंदिर में आयोजित यज्ञ-सत्संग कार्यक्रम में यज्ञ-पुरोहित महीपाल आर्य ने कहा है यज्ञ पद्धति सबसे उत्तम पूजा होती है। उन्होंने यज्ञ के वैज्ञानिक महत्व को बताते हुए कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है और केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव मात्र को आरोग्य प्रदान करता है। यज्ञ में शामिल होने वाले व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, भौतिक, आत्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं। उन्होंने नित्य प्रति हवन करने को आवश्यक बताया और सबसे नियमपूर्वक यज्ञ करने-करवाने का आह्वान किया। आर्य समाज के कोषाध्यक्ष मेघ दास आर्य ने सामाजिक संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि समस्त आर्य परिवारों में एक-दूसरे के सभी प्रकार के सुख-दु:ख में शामिल होने और परस्पर सहयोग करने की भावना होनी आवश्यक है। हिसाब परीक्षक डॉ. राजेन्द्र सिंह आर्य ने आर्य समाज के उत्थान के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। इस अवसर पर किए गए यज्ञ में यजमान के रूप में डॉ. राजेन्द्र सिंह आर्य और तारा आर्य ने आहुतियां प्रदत्त की। यज्ञ-सत्संग में महीपाल आर्य, डॉ. राजेन्द्र सिंह आर्य, तारा आर्य, सुमित्रा आर्य, सुरेन्द्र आर्य, मेघ दास स्वामी, दयानन्द आर्य, तिपनी के पूर्व सरपंच बजरंग दास आदि उपस्थित रहे।






