अपराध को रोकने, उसका साक्ष्य बनाने, व्यक्ति का व्यवहार बदलने, प्रफुल्लित करने व याददाश्त कायम करने के लिए उपयोगी है फोटोग्राफी कला- सीआई कमांडो 

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  1. विश्व फोटोग्राफी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर किया गया वरिष्ठ फोटोग्राफरों का सम्मान

लाडनूं। दाग्यूरे फोटोग्राफर्स समिति के तत्वावधान में विश्व फोटोग्राफी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तीन वरिष्ठ छायाकारों जगदीश नारायण शर्मा (चित्रा स्टुडियो लाडनूं), कृष्णकांत स्वामी (अखिलेश फिल्म्स, सुजानगढ) एवं हरिसिंह राठौड़ (प्रियंका स्टूडियो, सुजानगढ) का अभिनंदन किया गया। स्थानीय प्रजापति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नागेश कमार कौशिक ने की। मुख्य अतिथि बीसीएमओ डा. मूलचंद चौधरी थे एवं विशिष्ट अतिथि थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह कमांडो थे। सभी अतिथियों का सम्मान साफा पहनाकर, माल्यार्पण, स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र प्रदान करके किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।

फोटोग्राफर समाज को आईना दिखाने का काम करता है

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह कमांडो ने कहा कि भगवान के दिए स्वरूप को फोटोग्राफर बदल सकता है, वो अपनी कला के जरिए चेहरे को सुंदर बना देता है और उससे व्यक्ति को खुशी मिलती है। पुलिस के लिए फोटोग्राफी साक्ष्य बनाने का काम करता है, चाहे वह वीडियो हो, क्लिप हो या फोटो, वह अपराधी को सजा तक ले जाता है। फोटोग्राफर व्यक्ति के जीवन की यादों को संजोता है और पीढियों तक वह स्मृति में जिंदा रखने का काम करता है। सीआई कमांडो ने बताया कि पुलिस अपराधी को पकड़ने का काम करती है, लेकिन अपराध को रोकने का काम समाज का दायित्व है और कैमरे की नजर रहने से अपराध संभव नहीं हो पाते हैं। अपराध को रोकने, उसका साक्ष्य बनाने, व्यक्ति का व्यवहार बदलने व प्रफुल्लित करने, याददाश्त कायम करने आदि सब फोटोग्राफर की विशेषता है। फोटोग्राफर को नयी टेक्नोलॉजी अपनाने और फोटोग्राफी की क्वालिटी सुधारने की जिम्मेदारी निभानी होती है। फोटोग्राफर किसी को आईना दिखाने का काम भी करता है। शराबी की हरकतों की फोटो उसे रोक सकती है। पुलिस के सहायक का काम फोटोग्राफर करता है। पत्रकारिता भी फोटोग्राफी पर आधारित होती है। यह पूरे समाज के लिए सहायक है। जीवन की जन्म से लेकर मृत्यु तक सारी कहानी फोटोग्राफर की फोटो वर्णित कर देती है, जो अधिकृत भी होती है।

नवीन तकनीक का प्रयोग कर बनाएं फाटोग्राफी उत्कृष्ट

मुख्य अतिथि डा. चौधरी ने कार्यक्रम में फोटोग्राफी को महत्वपूर्ण कला बताते हुए कहा कि नवीन तकनीक का प्रयोग करते हुए इसे अधिक उत्कृष्ट बनाया जाना चाहिए। हिसार से आए पवन सिंघल ने फोटोग्राफरों की समस्याओं के हल और कमाई बढाने के तरीकों को प्रस्तुत किया। उन्होंने भी नवीन तकनीक और थ्री-जी कलर लैब के बारे में जानकारी देते हुए फोटो प्रिंटिंग की गुणवता में इजाफा करने पर जोर दिया। उन्होंने इस अवसर पर फोटोग्राफरों से सवाल-जवाब भी किए और पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विश्व फोटो ग्राफी दिवस मनाने, मेगा पिक्सल्स में पिक्सल्स की संख्या आदि विभिन्न सवाल पूछे। बीकानेर से आए मनोज सुशांत ने नई टेक्नीक अपनाने पर जोर दिया। सम्मानित होने वाले वरिष्ठ छायाकारों ने आभार ज्ञापित करते हुए अपने फोटोग्राफी जीवन के अनुभवों और महत्वपूर्ण सूत्रों को साझा किया। समिति अध्यक्ष नागेश। कौशिक ने प्रारम्भ में समिति और अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया।

अन्य फोटोग्राफर्स का सम्मान

इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी के सदस्यों आदि का सम्मान भी अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान करके किया गया। इस अवसर पर रामसिंह, करणी सिंह, रामस्वरूप चौधरी, कोषाध्यक्ष देवीलाल, राजकुमार प्रजापत, अनिल सिखवाल, अनिल प्रजापत, प्रभुसिंह, श्रीराम बिहाणी, महेन्द्रसिंह, बलवीर सिंह, लीलाधर माटोलिया, राजूराम जांगिड़, विश्वनाथ, भानुप्रताप पारीक, गौरव.वर्मा, गणेश रैगर, सदस्य राजेश भाटी, लोकेश शर्मा, शंकर प्रजापत, रामनिवास कुल्हरी, दीपक पारीक, सुनील पटेल, रामनिवास स्वामी, ओमप्रकाश शर्मा, प्रभुराम सैन, सुनील सोनी, मनोज जैन, यश जोशी, कैलाश नरूका, जितेंद्र, प्रकाश पारीक, बाबूलाल प्रजापत, चुन्नीलाल, सुखाराम प्रजापत, प्रेमाराम प्रजापत, प्रकाश गोदारा आदि का सम्मान किया गया।

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Author: kalamkala

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