कृष्ण के जीवन की कोई लीला निरुद्देश्य नहीं थी- कानपुरी महाराज

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लाडनूं में भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव की सजाई झांकियां

लाडनूं। यहां नवनिर्मित करणी माता मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव, भगवान वामन अवतार व भगवान श्रीराम जन्मोत्सव विभिन्न झांकियो के प्रदर्शन के साथ श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने नृत्य के साथ मनाए। कथा आयोजक अजय पाल चौहान व उनकी पत्नी मीनू देवी ने झांकी मे सजे भगवान के अवतार स्वरूप की पूजा तिलक व स्वागत करके आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा वाचक मांडेता आश्रम के महंंत स्वामी कानपुरी महाराज ने भजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की महिमा के साथ उनके जन्म के प्रसंग को विस्तार पूर्वक रोचक ढंग से बताया। उन्होंने कहा कि जब-जब भी धरती पर पाप और अत्याचार बढ जाते हैं, तो ईश्वर अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं। कृष्ण के जन्म से लेकर जीवन की कोई भी लीला निरुद्देश्य नहीं थी। उन्होंने धरती पर सामाजिक व्यवस्थाओं को परिवर्तित किया और नया आनंदमय धार्मिक आचरण मनुष्य मात्र के लिए दिया। इस अवसर पर श्रोताओं की भारी भीड़ रही।

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Author: kalamkala

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