डिजिटल भुगतान में डेबिट व क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स की जगह काम आएगा आरबीआई द्वारा जारी टोकन नंबर

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

 

1 अक्टूबर से यह अनिवार्य होंगे नए नियम

जयपुर। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए सभी वेबसाइट और भुगतान गेटवे द्वारा स्टोर किए गए ग्राहकों के डेटा को हटाने और इसके स्थान पर लेन-देन करने के लिए एन्क्रिप्टेड टोकन का उपयोग करने के लिए गाइडलाइन्स जारी की है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पहले इसे 30 जून से लागू करने वाला था, लेकिन अब इसे लागू करने की समय सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर 2022 कर दिया है। हालांकि अभी भी यह व्यवस्था ग्राहकों के लिए वैकल्पिक है लेकिन एक अक्टूबर से यह अनिवार्य होगी।

ग्राहक द्वारा डिजिटल लेन-देन के लिए दर्ज की गई अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड की गोपनीय सूचनाएं वेबसाइट पर स्टोर नहीं रहेगी। उसकी जगह 16 डिजिट का टोकन नंबर जारी होगा। टोकन नंबर से ही ग्राहक खरीदारी कर पाएगा तथा भुगतान कर सकेगा। नई व्यवस्था से ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड में कमी आएगी।

नए नियम के अनुसार ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट जैसे ट्रांजेक्शन के दौरान अब मर्चेंट वेबसाइट या एप आपके कार्ड की डिटेल स्टोर नहीं कर सकेंगे, और जिन मर्चेंट वेबसाइट या एप पर आपके कार्ड की डिटेल अभी तक स्टोर हैं, वहां से भी ये डिलीट हो जाएंगी।

इसका असर यह होगा कि आप अपने डेबिट-क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करेंगे या फिर कार्ड को किसी पेमेंट एप पर डिजिटल पेमेंट के लिए इस्तेमाल करेंगे तो कार्ड का विवरण स्टोर नहीं होंगी।

नई व्यवस्था से ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड में कमी आएगी

बैंकिंग विशेषज्ञ के अनुसार गत वर्षो में भारत में डिजिटल लेन-देन बहुत बढ़ा है, लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड की संख्या भी बढ़ी है। टोकनाइजेशन लागू होने से ग्राहक की जानकारी किसी भी वेबसाइट पर सेव नहीं हो पाएगी। इसके लागू होने से ऑनलाइन पेमेंट ज्यादा सुरक्षित होगा, गोपनीय सूचनाएं लीक होने पर आमजन के साथ होने वाली साइबर ठगी मे भी कमी आएगी। सभी ग्राहकों को अभी से इसको अपनाना चाहिए।

अब तक ये थे नियम- ऑनलाइन पेमेंट करते समय ग्राहक या तो 16 डिजिट वाले डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर समेत कार्ड की पूरी डिटेल्स डालनी होंगी या फिर टोकनाइजेशन के विकल्प को चुनना होगा। अभी होता यह है कि पेमेंट एप या फिर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ग्राहक का कार्ड नंबर स्टोर हो जाता है और ग्राहक केवल सीवीवी और ओटीपी एंटर कर भुगतान कर सकते हैं।

टोकनाइजेशन व्यवस्था-  कार्डधारक को डेबिट या क्रेडिट कार्ड की पूरी डिटेल्स को शेयर नहीं करनी नहीं होती है। टोकनाइजेशन वास्तविक कार्ड नंबर का एक वैकल्पिक कोड के जरिए रिप्लेसमेंट होता है, इस कोड को ही टोकन कहते हैं। टोकनाइजेशन हर कार्ड, टोकन रिक्वेस्टर और मर्चेंट के लिए यूनिक होगा। टोकन क्रिएट हो जाने पर टोकनाइज्ड कार्ड डिटेल्स को वास्तविक कार्ड नंबर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।

kalamkala
Author: kalamkala

[the_ad id='179']

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने व अधिकतम मतदान के लिए कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों द्वारा माॅक पोल, ईवीएम-वीवीपैट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी तथा पोस्टर मेकिंग, नारा लेखन और निबंध प्रतियोगिताएं हुईं

महिलाओं की उड़ान को थमने नहीं दें, उनके लिए सुरक्षित वातावरण में समाज सहयोग करे- पुलिस महानिदेशक मालिनी अग्रवाल, डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस का ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान समारोह पूर्वक सम्पन्न

[the_ad id='15212']
[the_ad id='22854']
[the_ad id='22855']
[the_ad id='22856']

शहर चुनें

Follow Us Now