‘तेजास्थली में हुई सघन हरित क्रान्ति की शुरुआत‘
दुलाराम कुल्हरिया की स्मृति में सीआर चौधरी व अतिथियों ने किया 300 पौधों का रोपण
मूण्डवा (रिपोर्टर लाडमोहम्मद खोखर)। वीर तेजा महिला शिक्षण एवं शोध संस्थान तेजास्थली में संत शिरोमणि, प्रकृति, संस्कृति और संस्कारों के पोषक व पुरोधा ब्रह्मलीन दुलाराम जी कुलरिया की सप्तम पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सघन पौधारोपण के पुण्यानुबंधित सद्कार्य का शुभारंभ श्रीमती शिल्पा चौधरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपाध्यक्ष रामाकिशन झिंझा, रामनिवास बाज्या, सदस्य रेवन्तराम डागा, दोलतराम गोदारा, सम्पतराज चौधरी के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष सी.आर चौधरी पूर्व केन्द्रीय मंत्री,भारत सरकार ने ‘वनस्पति दैवेभ्यो नमः‘ की सूक्ति के साथ अपने सम्बोधन में वटवृक्षों, पेड़-पौधो व वनों को राष्ट्रीय धरोहर, प्राणवायु के पोषक और पर्यावरण शुद्धि के अचूक घटक बताया। श्रीमती शिल्पा चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्ष हमें फलभार से लदकर झुकना विनम्र होना व परोपकारी बनना जैसे गुणों की सीख देते हैं। इस हरित क्रांति की शुरुआत में शरीक कुलरिया परिवार के महामना भंवरजी, नरसीजी व पूनमजी कुलरिया, वीर तेजा संस्थान के प्रबन्धन, परिजन, शिक्षक, शिक्षार्थी समुदाय ने गोरवानुभूति के साथ खुशी का इजहार किया। गोरतलब है कि 300 पौधों के रोपण व रोपित पौधो के रख-रखाव के संकल्प के साथ महाविद्यालय की रेंजर्स छात्राओें को संस्थान के अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय क्षंत्री सी.आर. चौधरी द्वारा यूनिफार्म वितरण का कार्य सम्पन्न हुआ।







