महारास लीला द्वारा होता है जीवात्मा परमात्मा का मिलन- कानपुरी महाराज

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लाडनूं के करणी माता मंदिर में भागवत कथा वाचन लाडनूं। यहां हाईवे के पास स्थित नवनिर्मित करणी माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरूवार को श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का आयोजन बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कथावाचक मांडेता आश्रम के महंत स्वामी कानपुरी महाराज ने कहा कि जो भी भागवत में आज ठाकुरजी के पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद, ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना एवं रुकमणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया। भारी संख्या में भक्तगण दर्शन हेतु शामिल हुए। कथा के दौरान कानपुरी महाराज ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ।

कन्याओं को अच्छे घर और वर की प्राप्ति संभव

भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। कथा स्थल पर रूकमणी विवाह के आयोजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रीकृष्ण रुकमणी की वरमाला पर जमकर फूलों की बरसात हुई। कथावाचक कानपुरी महाराज ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं, उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि जीव परमात्मा का अंश है, इसलिए जीव के अंदर अपारशक्ति रहती है। कमी मात्र संकल्प की होती है। श्री रुक्मणी विवाह महोत्सव प्रसंग पर उन्होंने कहा कि रुकमणी के भाई रुकमि ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था, लेकिन रुक्मणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं केवल गोपाल को पति के रूप में वरण करेंगे। उन्होंने कहा शिशुपाल असत्य मार्गी है और द्वारिकाधीश भगवान श्री कृष्ण सत्य मार्गी है इसलिए वो असत्य को नहीं सत्य को अपनाएगी। अंत में भगवान द्वारकाधीश ने रुक्मणी के सत्य संकल्प को पूर्ण किया और उन्हें पत्नी के रूप में वरण किया। रुक्मणी विवाह प्रसंग पर कथावाचक ने बताया कि इस प्रसंग को श्रद्धा के साथ श्रवण करने से कन्याओं को अच्छे घर और वर की प्राप्ति होती है और दांपत्य जीवन सुखद रहता है। इस मौके पर कथा आयोजक अजयपाल चौहान सपत्नीक यजमान बने।
बरसाने की होली आज
श्रीमद्भागवत कथा के इस आयोजन में शुक्रवार 10 जून को बरसाने की होली का दृश्यांकन किया जाएगा। शुक्रवार को देर शाम 8 बजे से भव्य जागरण का कार्यक्रम आयोजय है, जिसमें प्रसिद्ध गायक कलाकार अमृत राजस्थानी, राजेन्द्र कविया सहित अन्य द्वारा करणी माता की स्तुति (चिरजा) व अन्य धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। अगले दिन शनिवार दोपहर 12:15 बजे विधिविधान पूर्वक करणी माता की प्रतिमा की गाजे-बाजे के साथ विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

kalamkala
Author: kalamkala

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