संगीतमय भागवत कथा ज्ञान सप्ताह का शुभारंभ, भव्य शोभायात्रा निकाली
मूण्डवा (रिपोर्टर लाडमोहम्मद खोखर)। संगीतमय भागवत कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से मदनमोहन महाराज ने कहा है कि भागवत ग्रन्थ सनातन की अनमोल थाती है। यह न सिर्फ ज्ञान व भक्ति अपितु मोक्ष का भी ग्रन्थ है। भागवत की शुरूआत परीक्षित के मोह भंग से होती है, तो समाप्ति मोक्ष से होती है। वे शुक्रवार को पौकण्डी तालाब स्थित तारकेश्वर मन्दिर परिसर में ओमप्रकाश, शिवप्रकाश, दिनेशकुमार, मुकेशकुमार, अनुराग भट्टड़ परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारम्भ पर भागवत महात्म्य व्यक्त कर रहे थे।उन्होंने प्रथम दिवस भागवत महात्म्य, गोकर्ण प्रकरण, धुंधुकारी प्रकरण आदि प्रसंगों पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व चारभुजा मन्दिर से पोकण्डी तालाब स्थित तारकेश्वर महादेव मन्दिर तक बैण्डबाजों के साथ भागवतजी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में आयोजक परिवार ने भागवत ग्रंथ को शीश पर रख कर और कथा व्यास मदन मोहन महाराज सुंदर बग्घी में सवार होकर साथ थे। जुलूस में भट्टङ परिवार की तारा देवी, शकुन्तला देवी, शिमला देवी, मंजू देवी, उमा देवी, सुमन भट्टङ, ललिता, राधिका, प्रिया, शशि, स्वेता, श्रुति, पूजा गिलङा, स्नेह लता गिलङा मकराना, वासुदेव बंग सूरत, पंकज मालाणी मुंबई, प्रकाश सोनी नागौर, आशीष गिलङा मकराना सहित नगर के गणमान्य नागरिक जनों ने परिवार सहित शिरकत की। प्रथम दिवस कथा श्रवण के लिए शहर के जगदीश राठी, कमल बंग, सुभाष कंदोई, महेश बंग, मनोज बंग, रमाकांत शर्मा, ओमप्रकाश अरोङा, विनोद औझा, रामानुज झंवर नागौर, राजेश गिलङा मकराना, दिनेश बंग नागौर, देवेश स्वामी मकराना, राधावल्लभ बंग जयपुर, राजेश सारङा जयपुर, मनोज शर्मा जयपुर सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।







