सुजला कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में 26 अगस्त को होगा मतदान,  22 तक नामजदगी पर्च भर सकेंगे, 23 को 2 बजे तक नाम-वापसी होगी

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एबीवीपी व एनएसयूआई के बीच इस बार एसएफआई भी ठोकेंगी ताल

लाडनंू। सुजला कॉलेज में आचार संहिता लागू होने के साथ ही तेज हुई छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया में गुरूवार को मतदाता सूची प्रकाशित की गई। मतदाता सूचियों के सम्बंध में प्राप्त सभी आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम सूची का प्रकाशन 20 अगस्त को किया जाएगा। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अपना नामांकन 22 अगस्त को दाखिल कर सकेंगे। नामांकन भरने का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक का रहेगा। इसी दिन 3 से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 23 अगस्त को सुबह 10 बजे वैध पाए गए नामांकन पत्रों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 23 अगस्त को ही प्रातः 11 से 2 बजे तक उम्मीदवार अपनी नामवापसी कर सकेंगे। इसके बाद अंतिम नामांकन सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। 26 अगस्त को सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अगस्त को सुबह 10 बजे से मतगणना होगी। जिसके बाद अंतिम परिणाम घोषित कर विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलवाई जाएगी।

एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच एसएफआई खोलेगी तीसरा मोर्चा

सुजला कॉलेज में हमेशा से ही मुख्य लड़ाई एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच होती रही है, लेकिन इस बवसर पहली दफा एसएफआई के भी ताल ठोकने की संभावना है। पिछले सत्र 2020 में निर्दलीय अनुज पारीक चुनाव जीतकर छात्रसंघ अध्यक्ष बने थे, उन्हें एनएसयूआई ने अपना समर्थन प्रदान किया था। एसएफआई इस कॉलेज में काफी समय से अपनी जडत्रें तलाश रही है। सहायता शिविर लगाकर स्टूडेंट्स की मदद करने औरएडमिशन प्रक्रिया से वंचित स्टूडेंट्स के समर्थन में उनकी मांगों को लेकर एसएफआई लड़ाई लड़ने की कवायद छात्रसंघ पर काबिज होने के लिए की गई थी। एसएफआई द्वारा इस बार अपना पूरा पैनल उतारा जाने की संभावना है।

एबीवीपी पूरी तरह से तैयार, पर एनएसयूआई सकपका रही है

इधर एबीवीपी के राहुल सामरिया ने बताया कि पीजी में प्रवेश को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी साल भर कैंपस में छात्र हितों के लिए काम करने वाला संगठन है। चुनाव समिति ने उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। जल्दी ही पैनल की घोषणा की जाएगी। एनएसयुआई सूत्रों के अनुसार कुछ एक-दो दिन में आने वाले कुछ परीक्षा परिणामों के बाद संगठन उम्मीदवारी के बारे में विचार करेगा। पिछले चार सालों से एनएसयूआई ने एबीवीपी के खिलाफ संयुक्त निर्दलीय उम्मीदवार उतारने की रणनीति रखी है। पर इस बार एसएफआई के मैदान में होने से यह रणनीति बदलनी पड़ सकती है।

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Author: kalamkala

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