छुआ-छूत की मानसिकता वाले लोग कर रहे हैं देश की छवि खराब- बीएल भाटी

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जालोर जिले के गांव सुराणा में पीड़ित परिवार से मिले

लाडनूं (सुरेश खिंची)। भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल भाटी ने जालोर जिले के सुराणा गांव में देवाराम मेघवाल के घर पहुंच कर छात्र इन्द्र कुमार के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिजनों से मिलकर सांत्वना व्यक्त की। भाटी ने बताया कि प्रदेश में छुआछूत की बीमारी को लेकर केवल अनुसचित जातियों में ही नहीं बल्कि सर्वसमाज में रोष व्याप्त है। छुआछूत की मानसिकता के लोग देश की छवि को धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रकरण में पुलिस द्वारा राज्य सरकार के इशारे पर करीब 9 बजे रात्रि को परिवार पर लाठियां बरसाने और बालक इन्द्र के शव को घर से जबरदस्ती ले जाकर दफन कर देना भी अपने आप में एक बङा जुल्म है। इस लाठीचार्ज में मृत बालक के दादा पोलाराम के पैर में गंभीर चोट, पिता देवाराम व चाचा किशोर के सिर पर चोटें तथा महिलाओं दादी, मां व काकी को भी चोटें आई हैं। राज्य सरकार के इस रवैये से यह परिवार बहुत डरा हुआ है। बीएल भाटी के साथ सुराणा पहुंचे लोगों में आरके मेघवाल, रिको के सेवानिवृत वरिष्ठ प्रबंधक तुलसीदास राज, भागीरथ मेघवाल फलोदी, नरेन्द्र कुमार जोधपुर आदि भी थे।

50 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी मिले

इस अवसर पर तुलसीदास ने बताया कि बालक का जबरन अंतिम संस्कार करना, परिवार के साथ मारपीट करना, सरकार की ओर से अत्याचार निवारण एक्ट की सहायता राशि के अलावा कोई सहयोग नहीं मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि सहयोग राशि देने में भी सरकार भेदभाव कर रही है। कहीं 50 लाख दे रही है, तो अनुसूचित जाति को मात्र 5 लाख ही। ऐसा भेदभाव करना गलत है। इन लोगों ने सरकार से मांग की कि दोषियों को हरहालत सजा मिलनी चाहिए, पीड़ित परिवार को 50 लाख रूपये का सहयोग दिया जाए, बच्चे के 20 दिन के इलाज पर हुए ख़र्च की भरपाई की जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो और वहां स्थाई पुलिस चौकी बने, परिवार को हथियार का लाइसेंस जारी किया जाए, स्कूल की मान्यता रद्द होने के बाद उसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश हो, दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही हो तथा शिक्षा अधिकारियों को सभी स्कूलों, सरकारी, गैर सरकारी का निरीक्षण करते वक्त सख्त निर्देश हो और उनकी जिम्मेदारी तय हो।

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Author: kalamkala

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