सोए हुए माली-सैनी-कुशवाहा समाज के हजारों लोगों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां, 11 सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा सैनी समाज, मुख्यमंत्री गहलोत से नहीं मिलने दिया गया, रात को दो हाईवे जाम किए, लोगों का जयपुर जाना जारी, 150 लोग गिरफ्तार हुए

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सोए हुए माली-सैनी-कुशवाहा समाज के हजारों लोगों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

11 सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा सैनी समाज, मुख्यमंत्री गहलोत से नहीं मिलने दिया गया, रात को दो हाईवे जाम किए, लोगों का जयपुर जाना जारी, 150 लोग गिरफ्तार हुए

 

जयपुर। राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड के तत्वावधान में राष्ट्रीय संयोजक चन्द्रप्रकाश सैनी के नेतृत्व में जयपुर में सैनी समाज राजस्थान की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर निर्णायक रूप से जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित हल्लाबोल रैली में प्रदेश भर से सैनी-माली-कुशवाहा समाज के लोग उमड़ पड़े। सैनी-माली और कुशवाह समाज और राष्ट्रीय फूले ब्रिगेड के हजारों कार्यकर्ता गुरुवार रात 11 सूत्री मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। इस धरना-प्रदर्शन में 15 सितम्बर के बाद 16 सितम्बर को भी लोगों का आना निरन्तर जारी रहा। 15 सितम्बर को विद्याधर नगर स्टेडियम में दिनभर धरना-प्रदर्शन रहने के बाद शाम को समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय गया और बातचीत की, लेकिन परस्पर कोई सहमति नहीं बन पाई। सीएमओ से सहमति नहीं बन पाने के बाद हाईवे जाम करने का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि समाज के लोगों ने सीएम से मिलने की बात कही थी, पर उन्हें सीएम से मुलाकात नहीं कराई गई। इसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों को समाज के लोगों ने चेतावनी भी दी थी की अगर समाज की मांगे नहीं मानी गईं तो वह सड़क जाम करेंगे। वार्ता से लौटे प्रतिनिधिमंडल ने सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया।

यहां से कुछ लेकर ही जाएंगे

राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड के राष्ट्रीय संयोजक चन्द्रप्रकाश सैनी ने विद्याधर नगर में स्पष्ट घोषणा की कि आज हम यहां पर कुछ लेने आए हैं। हमें अपनी 11 सूत्रीय मांगे पूरी करवानी हैं। हमें आरक्षण चाहिए। इससबके लिए आपकी आवाज इतनी दहाड़ जैसी हो कि इस बहरी सरकार के कानों तक पहुंच जाए। हम यहां आर-पार की बात करके आए हैं। यह कारवां निरन्तर बढ रहा है। हम यहां से कुछ लेकर ही जाएंगे। तब तक यहीं रूक कर रहेगे। उन्होंने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को भी दोहराया।

रात को 12 बजे बाद लगाया दो हाईवे पर जाम

 

इसके बाद रात को 12 बजे समाज के लोगों ने जयपुर के दो हाईवे पर जाम लगा दिया। रात 12 बजे सीकर रोड पर 14 नम्बर पुलिया के नीचे हजारों प्रदर्शनकारियों ने पहुंच कर जाम लगा दिया। इसके बाद रात 12.30 बजे दिल्ली-अजमेर एक्सप्रेस हाईवे भी जाम कर दिया, दोनों हाईवे पर 3 से 4 किमी लम्बा जाम लग गया। नेशनल हाईवे सं. 18, जो जयपुर से दिल्ली, मुम्बई, गुड़गांव, अजमेर, उदयपुर, अहमदाबाद, सूरत जाने वाला मार्ग है, पर सैनी समाज ने जाम लगा दिया और रात को सैनी समाज के लोग सड़क पर ही सो गए और सरकार से इस बार निर्णायक लड़ाई लड़ने का संदेश दिया। सूचना मिलने पर रिजर्व लाइन से दो बटालियन मौके पर भेजी गई। समाज के लोगों के नहीं मानने और रास्ता खोलने से मना कर देने के बाद लोग सड़क पर ही बिस्तर लगाकर सो गए।

सोए हुए माली समाज के लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी

 

इसके बाद देर रात को एडिशनल कमिश्नर अजयपाल लाम्बा ओर कैलाश विश्नोई भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और समझाईश की, लेकिन रात को 3 बजे तक परस्पर बात बनी नहीं। इसके बाद दोनों जगह जाम लगने के कारण पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए 16 सितम्बर को सुबह 4 बजे अंधेरे-अंधरे ही समाज के सोते हुए लोगों पर लाठीचार्ज करके अपना रूप दिखा दिया। अचानक लाठीचार्ज कर इस प्रकार लोगों को खदेड़ने की कवायद पर प्रदर्शनकारियों ने भी पथराव किया। इस सबके दौरान दोनों तरफ के कई लोग घायल हो गए। पुलिस द्वारा सैनी-माली समाज के सोए हुए लोगों पर अचानक लाठियां भांजने से अनेक प्रदर्शनकारियों के घायल होने के समाचार मिल रहे हैं। कुछ उनके निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए वहां पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

सैनी समाज में भारी आक्रोश, डेढ सौ लोगों की गिरफ्तारी की

पुलिस द्वारा सोए लोगों पर लाठियां बरसाने के बाद वहां पर बवाल मच गया। आंदोलनकारियों ने इसका विरोध करते हुए पथराव किया। इस पथराव और लाठीचार्ज के दौरान करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी और डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी डेढ़ सौ से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर विश्वकर्मा, दौलतपुरा और हरमाड़ा थानों में उन्हें बंद किया गया है। मौके पर मौजूद माली सैनी समाज के पदाधिकारियों के वाहनों में भी तोड़फोड़ कर दी गई है। सैनी समाज पर लाठियां बरसाने वाली इस सरकार के विरोध में 16 सितम्बर को पूरे प्रदेश से समाज के लोगों का और आना जारी रहा। समाज के लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा माली समाज पर अत्याचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं माली जाति का होने के बावजूद उन्होंने इस प्रकार का अत्याचारी कदम उठाया है। इस कार्रवाई में दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। समाज के अनेक नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रदेश में सब्जीमंडियों और सैनियों के प्रतिष्ठानों को बंद करवाने और हर तहसील स्तर पर जाम लगाने की चेतावनी तक दी है।
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Author: kalamkala

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