लाडनूं में निःशुल्क एक दिवसीय यूरोलॉजी (मूत्र रोग चिकित्सा) स्वास्थ्य शिविर 3 दिसम्बर को,
हर 50 साल से ऊपर का व्यक्ति प्रोस्टेट, मूत्रावरोध, पथरी, बहुमूत्रता आदि मूत्र रोगों की जांच नि:शुल्क करवाएं
लाडनूं (kalamkala.in)। डॉ. बी.एस. राठौड़ ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में लाडनूं में सरकारी अस्पताल के पास स्थित आर्गेनाइजेशन सेंटर में 3 दिसम्बर बुधवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक के लिए निःशुल्क यूरोलॉजी (मूत्र रोग चिकित्सा) स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। डॉ. ज्योत्स्ना राठौड़ ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ हर व्यक्ति के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनमें प्रोस्टेट एवं मूत्र संबंधी समस्याएं खास तौर पर होती हैं, जो 50 वर्ष की उम्र के बाद अधिक देखने को मिलती हैं। ऐसी समस्त बीमारियों की जांच समय रहते करवा लेने से गंभीर रोगों से बचाव संभव है। इसी उद्देश्य से लाडनूं क्षेत्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों एवं 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए यह निःशुल्क शिविर आयोजित किया था रहा है, जिसमें सभी को अपनी जांच व परामर्श के लिए आना चाहिए। शिविर में यूरोलॉजिस्ट डॉ. एच.एस. बगड़िया अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
नि:शुल्क शिविर में मिलने वाली नि:शुल्क सुविधाएं
तीन दिसम्बर बुधवार को आयोज्य इस शिविर में पीएसए (PSA) जांच (प्रोस्टेट टेस्ट) बिल्कुल निःशुल्क की जाएगी। यूरोफ्लोमेट्री (मूत्र प्रवाह जांच) भी पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। प्रोस्टेट के बढ़ने की समस्या एवं अन्य मूत्र विकारों का प्रारंभिक पता लगाने में सहायक यह शिविर लाभदायक रहेगा। समय पर निदान हो जाने से बेहतर इलाज संभव होगा और व्यक्ति चिंतामुक्त होकर लंबा व स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पाएगा। डॉ. कमल सोनी ने बताया कि यूरोलॉजी सम्बंधी यह सब जांचें सबके लिए आवश्यक है। 50 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं सामान्यतः हो ही जाती हैं। मूत्र सम्बंधी सभी रोगों की पहचान शुरुआती अवस्था में ही हो जाने से बीमारी के गंभीर रूप धारण करने से बचाव हो सकता है। मूत्र रुकावट, बार-बार पेशाब आना या कम प्रवाह जैसी समस्याओं की स्पष्ट जानकारी और उनका कारण जांच करने से प्राप्त हो जाता है तथा समय पर उनका उचित इलाज संभव हो पाता है। इससे व्यक्ति को उसके स्वास्थ्य का आश्वासन मिलता है और मन की शांति प्राप्त होती है। इसलिए सभी को इसमें पूरी रुचि लेनी चाहिए। अपने माता-पिता, रिश्तेदारों व परिचितों को भी साथ लेकर शिविर में समय पर पहुंचना चाहिए। यह मुफ्त मौका मुफ्त मिल रहा है और स्वास्थ्य जांच को एक जिम्मेदारी के रूप में समझना चाहिए।





