यह कौन सा वक्त है बिजली की कटौती के लिए, मात्र गांवों में परेशान किया जा रहा है लोगों को
हनुमान बीरड़ा ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, गांवों में घुसने नहीं देने की चेतावनी
लाडनूं। नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनुमान बिरड़ा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर राज्य के गांवो में बिजली कटौती के बारे में बताया है कि गांव में दिन छुपते ही बिजली काट दी जाती है। इससे पूरे राज्य में के गांवों में बसने वाले किसान-मजदूर परेशान है। जिस समय दिन में किसान खेत में काम करते हैं, तब उनके घर में बिजली की खास जरूरत नहीं रहती। ऐसे समय में बिजली की चाहे जितनी कटौती की जा सकती है। लेकिन, किसानों और मजदूरों को परेशान करने के लिए जानबूझ कर शाम के समय खेत सेघर लौटने पर बिजली काट दी जाती हैं, इससे उन्हें अंधेरे में खाना बनाने, घर के काम करने आदि में बहुत परेशानी होती है। इसके अलावा जब उनके सोने का समय होता है तब रात को 11 बजे वापस लाइट आ जाती है। यह अजीब कटौती केवल उन लोगों को परेशान करने के लिए ही की जा रही है। चुनाव होता है तो यही गांव की गरीब जनता वोट देकर जीताती है, लेकिन इस तरह से परेशान करने पर वोट मांगने आने पर ये गांव के किसान, मजदूर व गरीब गांवो में घुसने तक नहीं देंगे। गांव के लोगों को परेशानी से मुक्त रखा जाएगा, तो कोई परेशानी नहीं आने वाली है। अन्यथा ये गांव के लोग सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार बैठे हैं।






