प्रख्यात संत ‘राम-राम सा’ (रामदीन जी चौयल) हरिद्वार में अस्वस्थ होने के बाद नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए धर्मप्रेमियों द्वारा देशभर में प्रार्थनाएं

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प्रख्यात संत ‘राम-राम सा’ (रामदीन जी चौयल) हरिद्वार में अस्वस्थ होने के बाद नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती,

उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए धर्मप्रेमियों द्वारा देशभर में प्रार्थनाएं

लाडनूं/ नई दिल्ली (kalamkala.in)। क्षेत्र के प्रख्यात संत एवं सनातन धर्म के प्रचारक पूज्य संत राम-राम सा (श्री रामदीन जी चोयल) अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान हरिद्वार में अचानक अस्वस्थ हो गए। हृदयगति बढ़ने के कारण उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें हरिद्वार से दिल्ली लाया गया, जहां सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। संत राम-राम सा पिछले चार दशकों से अधिक समय से सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक जागरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। देशभर में उनके लाखों अनुयायी/ प्रशंसक हैं, जो उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। उनके अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं गुजरात सहित अनेक राज्यों में श्रद्धालुओं द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं हवन का आयोजन किया जा रहा है। संत समाज एवं धर्मप्रेमी नागरिकों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उनके परिजनों के अनुसार संत राम-राम सा की स्थिति पर चिकित्सकों की निरंतर निगरानी बनी हुई है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। देशभर के श्रद्धालु उनके शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः धर्म एवं समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

सतत जप रहे हैं राम का नाम

गौरतलब है कि संत राम राम सा के नाम से प्रसिद्ध हुए रामदीन चोयल लाडनूं के तिपनी गांव के रहने वाले हैं, वे एक अनोखे व्यक्ति हैं और ऐसे प्रसिद्ध रामभक्त हैं, जो अनवरत राम नाम का जाप करते रहते हैं। वे उच्च स्वर में ‘राम राम सा’ का गुंजार निरन्तर करते रहते हैं, इसीलिए उन्हें संत राम राम सा के नवीन नाम से सुशोभित किया गया है। लाडनूं के करंट बालाजी मंदिर के स्पीकर से काफी दिनों तक उनका ‘राम राम सा’ मंत्र का गुंजार चलता रहा था। वे अगर बाजार के बीच से भी गुजरते तो उनके मुंह से सबके लिए ‘राम राम सा’ का स्वर गुंजारित होता रहता था। वे अपने जीवन में सतत राम का नाम उच्चारित करते रहे। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय में काफी समय तक वहां श्रीराम के चरणों में वास किया और ‘राम राम सा’ का सतत जाप किया। इसी प्रकार देश के विभिन्न तीर्थों पर भी राम का नाम रटते हुए ही उन्होंने हर जगह देव-दर्शन किया। लगभग सभी धार्मिक मेलों, समारोहों, कार्यक्रमों में उनका भ्रमण और ‘राम-रट’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता है। यहां यह भी ज्ञातव्य है कि उनका पुत्र बजरंग लाल जाट (चौयल) नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ अधिवक्ता है। संत राम राम सा की देखभाल लगातार जारी है और उनका स्वास्थ्य स्थिर व बेहतर बताया जा रहा है।

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Author: kalamkala

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