लाडनूं में सार्वजनिक जमीन को बचाने के लिए जन प्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन, भामाशाह गणपतराय सरावगी द्वारा सार्वजनिक उपयोग के लिए प्रदत्त भूमि को हड़पने के लिए हुए भूमाफिया सक्रिय

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लाडनूं में सार्वजनिक जमीन को बचाने के लिए जन प्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने राज्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन,

भामाशाह गणपतराय सरावगी द्वारा सार्वजनिक उपयोग के लिए प्रदत्त भूमि को हड़पने के लिए हुए भूमाफिया सक्रिय

जगदीश यायावर। लाडनूं (kalamkala.in)। यहां सरकारी अस्पताल से आगे घोड़ावत होस्पीटल के सामने पड़े विशाल भूभाग को खुर्द-बुर्द होने से बचाने के लिए सेठी गणपतराय ट्रस्ट संपत्ति बचाओ संघर्ष समिति की ओर से अनेक जन प्रतिनिधियों व प्रमुख नागरिकों के साथ पदाधिकारियों ने यहां अपने एक दिवसीय दौरे में आए राजस्व, उपनिवेशन और सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी को ज्ञापन सौंपा। मंत्री चौधरी यहां हाईवे स्थित भाजपा कार्यालय में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शरीक हुए थे। इस अवसर पर उन्हें दिए गए इस ज्ञापन में बताया गया कि देवस्थान विभाग से पंजीकृत सार्वजनिक धार्मिक एवं पुण्यार्थ ट्रस्ट सेठी गणपतराय ट्रस्ट के तथाकथित मुख्य ट्रस्टी कुणाल सेठी व उनके तथाकथित मुख्तार युसूफ खान कायमखानी, भू-माफिया वगैरा ने अनुचित सांठगांठ कर सचिवालय स्तर पर इस संपत्ति के विक्रय हस्तांतरण की परमिशन लेने के लिए प्रयासरत हैं, जबकि प्रश्नगत संपत्तियां विवादग्रस्त है और सिविल कोर्ट में सब ज्युडिश है। वरिष्ठ सिविल न्यायालय लाडनूं में दीवानी मूल वाद संख्या 35/2017, दीवानी विविध प्रकरण संख्या 30/2017 में राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि तहसीलदार एवं उप पंजीयक लाडनूं ने इसे सार्वजनिक संपत्ति बताकर इसके बेचान व हस्तांतरण पर रोक लगाई जाने हेतु काउंटर क्लेम मय शपथ पत्र पेश कर रखा है। आपत्तिकर्ता महेंद्र कुमार सेठी, देवाराम पटेल, श्याम सुंदर शर्मा द्वारा भी काउंटर क्लेम पेश किए हुए हैं। सिविल न्यायालय ने भी तक किसी प्रकार का कोई राजीनामा तस्दीक नहीं किया गया है और ना ही कोई निर्णय किया गया है। फिर भी राजीनामा हो जाने की बार-बार झूठी बातें फैला कर देवस्थान विभाग को कुणाल सेठी की तरफ से गुमराह किया जा रहा है। इन मुकदमों में आगामी सुनवाई तारीख पेशी 19 मार्च को है। सब ज्युडिश संपत्तियों के बेचान की इजाजत लेने हेतु ट्रस्ट द्वारा तीनों बार प्रस्तुत आवेदन-पत्र प्रपत्र संख्या 9 देवस्थान विभाग के आयुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी के द्वारा समुचित सुनवाई की जाकर सकारण खारिज किए जा चुके हैं।

मौके पर है नगर पालिका के स्वामित्व का बोर्ड

मौके पर इस संपत्ति के नगर पालिका के स्वामित्व की होने का बोर्ड मौके पर लगा हुआ है। नगर पालिका द्वारा पत्र दिनांक 11/0 2 /2020 से देवस्थान विभाग में आपत्ति पेश की हुई है। खसरा नंबर 1147 की पूरी जमीन 13 बीघा 10 बिस्वा राजस्थान सरकार- नगर पालिका लाडनूं के नाम खातेदारी में है तथा खसरा नंबर 1143 की 14 बीघा 14 बिस्वा भूमि राजस्थान सरकार के खाता नंबर 1 में दर्ज है।

जन आंदोलन की चेतावनी दी

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि इतने न्यायालय विवादों व आपत्तियां होने पर भी यदि बेचान परमिशन शासन सचिवालय से जारी की जाती है, तो लोक शांति व कानून व्यवस्था को भरपूर खतरा और जनहानि होने का पूर्ण अंदेशा है। यदि बेचान हेतु अनुमति दी गई, तो भीषण जन आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी परमिशन देने वाले अधिकारी की व्यक्तिगत रूप से व देवस्थान विभाग की होगी। ज्ञापन के अंत में किसी प्रकार से बेचान, हस्तांतरण के लिए अनुमति विशिष्ट शासन सचिव, देवस्थान विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर के द्वारा जारी नहीं किए जाने के लिए राज्य मंत्री से गुहार लगाई गई है।

इन सबने सौंपा ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति के संयोजक नरपतसिंह गौड़, महेंद्रकुमार सेठी, देवाराम पटेल, श्यामसुंदर शर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजना शर्मा, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष और पार्षद मुरलीधर सोनी, ओमप्रकाश सिंह मोहिल, मोहनसिंह चौहान, संदीप प्रजापत, बच्छराज प्रजापत, विजयलक्ष्मी पारीक, भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुनीता वर्मा, शहर अध्यक्ष पार्षद रेणु देवी कोचर, मदन गोपाल शर्मा, कंचन देवी नागपुरिया, राजेंद्र कुमार चोटिया, प्रभात वर्मा, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट शेरसिंह जोधा, हुकम सिंह गनोड़ा, पूर्व सरपंच श्यामसुंदर पंवार, मदनगोपाल नवहाल आदि मौजूद रहे।

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Author: kalamkala

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