सादगी, आचार-विचार, व्यवहार होते हैं व्यक्तित्व विकास के मुख्य घटक- प्रो. छंगाणी

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व्यक्तित्व विकास पर सात दिवसीय वेबिनार का आयोजन

लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान विश्वविद्यालय के आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के तत्वावधान में कुलपति प्रो. बीआर दूगड़ के निर्देशन में आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय व्यक्तित्व विकास वेबिनार के प्रथम दिवस सोमवार को एपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर के कुलपति प्रो. ओपी छंगाणी ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि व्यक्तित्व निर्माण के घटकों में व्यक्ति की सादगी, उसके आचार-विचार, व्यवहार तथा उसके अपने प्रति, परिवार के साथ व समाज के साथ सामंजस्य भी शामिल है। इन घटकों पर व्यक्ति का ध्यान केन्द्रित होना जरूरी है। वर्तमान में भौतिकता की चकाचैंध में फंसे व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह अनासक्त भाव का विकास करे। उन्होंने व्यक्तित्व विकास के निर्धारक तत्वों, व्यक्तित्व विकास की अपेक्षाएं आदि पर विस्तार से बालते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के 16 मापदंडों के बारे में बताया तथा कहा कि हर विद्यार्थी को गूगल पर जाकर अपने व्यक्तित्व का मूल्यांकन इन मापदंडों के आधार पर करना चाहिए और अपने आप में सुधार लाना चाहिए।

प्राचार्य प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी ने प्रारम्भ में मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत कर स्वागत किया तथा व्यक्तित्व विकास के सूत्रों को हृदयंगम करने और जीवन में बदलाव लाने को महत्वपूर्ण बताया। अंत में सहायक आचार्य डा. बलवीरसिंह चारण ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रगति चैरड़िया ने किया। वेबिनार में सभी संकाय सदस्य, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस सात दिवसीय व्याख्यानमाला में मंगलवार को महर्षि अरविन्द विश्वविद्यालय जयपुर के विधि विभाग की डीन प्रो. आराधना परमार व्यक्तित्व विकास पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगी।

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Author: kalamkala

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