बाबा बुद्धनाथ उर्फ पार्षद रेवंतराम पंवार का सुजानगढ़ से जयपुर तक पैदल कूच, लाडनूं से भी शामिल हुए अनेक कार्यकर्ता,
मुख्यमंत्री को देंगे वाल्मीकि समाज की समस्याओं का ज्ञापन, उठाई विभिन्न महत्वपूर्ण मांगें

लाडनूं/ सुजानगढ़ (kalamkala.in)। सुजानगढ़ की लक्कड़नाथ महाराज की बगीची के पीठाधीश्वर बाबा बुद्धनाथ उर्फ रेंवतनाथ महाराज (पार्षद रेवंत राम पंवार) अपने वाल्मीकि समाज की विभिन्न मांगों को लेकर सुजानगढ़ से पैदल यात्रा करते हुए जयपुर पहुंच कर मुख्यमंत्री आवास पर जाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मांगें प्रस्तुत करते हुए समाधान की मांग करेंगे। रेवंत राम महाराज अपने समर्थकों के साथ 13 अगस्त बुधवार को सुजानगढ़ से पदयात्रा पर रवाना हुए, वे 18 अगस्त को शाम तक जयपुर पहुंचेंगे और 19 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पर जाकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए इस जयपुर तक पैदल कूच के पबाद मुख्यमंत्री का स्वागत भी बाल्मीकि समाज द्वारा किया जायेगा। लाडनूं के सामाजिक कार्यकर्ता भागचंद चिंडालिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रेवंत मल पंवार (पार्षद) उर्फ बाबा बुद्धनाथ द्वारा हर वर्ष निराहार खड़े रहकर तपस्या की जाती है, पिछले वर्ष सावण मास में निराहार रह कर और खड़े रहकर तपस्या की तथा अभी इस सावण मास से भी निराहार रहकर तपस्या कर रहे हैं। उन्होंने सभी वाल्मीकि समाज के लोगों से अनुरोध किया है कि 19 अगस्त को रेंवतनाथ जी महाराज के साथ ज्ञापन देने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में वाल्मीकि समाज जयपुर पहुंचे।
सफाईकर्मी भर्ती में केवल वाल्मीकि समाज को लिया जाए
मुख्यमंत्री को इस अवसर पर श्रीश्री 1008 बाबा लक्कड़नाथ सेवा समिति सुजानगढ़ के बैनर तले दिया ज्ञापन दिया जायेगा। इस ज्ञापन में बताया गया है कि बाल्मीकि समाज व बाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों व सफाई कर्मचारी भर्ती के संबंध में सभी समस्याओं व मांगों का समाधान करवाया जाए। इसमें बताया गया है कि नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती, बाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देते हुये शुरू करवायी जावे। पीढ़ियों से बाल्मीकि समाज ने सफाई का कार्य किया है और कर रहे हैं। जब घरों में शौचालय नहीं होते थे, तब वाल्मीकि समाज के लोगों और उनके पूर्वजों ने अपने सर पर मेला ढोकर समाज की सेवा की थी। इसलिए सभी स्थानीय निकायों में केवल बाल्मीकि समाज को ही सफाई कार्य के लिए प्राथमिकता देते हुये सफाई कर्मचारियों की भर्ती कर पुनः शुरू करवाई जाए। पिछली सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा सामान्य वर्ग में शामिल होकर भर्ती में चयन हुआ, उनका न्यायालय में मामला विचारधीन हैं। उन चयनित लोगों को भी न्याय दिलाते हुए सेवा प्रदान की जाए।
सेवानिवृत्ति बाद चक्कर लगाने बंद हों
ज्ञापन में बताया गया है कि नगर पालिकाओं से सेवानिवृत हुये सफाई कर्मचारियों को अपनी जमा राशि फंड के लिए सालों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब जाकर उनको अपने कमाये हुये पैसों का भुगतान हो पाता है। कुछ कर्मचारियों का इस दौरान निधन भी हो जाता है। जब कोई कर्मचारी सेवामुक्त होता है, तो उसको पेंशन के लिए चक्कर लगाना रहता है, इसी चक्कर में वह मृत्यु को प्राप्त हो जाता है, पर उसको पेंशन नहीं मिलती। इसलिए ऐसी व्यवस्था करवायी जानी चाहिए कि सेवानिवृत्ति से तीन माह पहले ही पेंशन प्रक्रिया शुरू करवा दी जाये, जिससे कर्मचारियों को दर-दर की ठोकरे नहीं खानी पड़े।
अवस्थाजन्य या अन्य रोग पर परिवारजन को मिले नौकरी
ज्ञापन के अनुसार नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम में कार्यरत बाल्मीकि सफाई कर्मचारी जब उम्रदराज हो जायें या किसी बीमारी से ग्रस्त हो जायें, तो उसकी जगह उनके किसी परिवार के सदस्य को सफाई कर्मचारी की नियुक्ति दिलवायी जावे, जिससे विभाग को युवा सफाई कर्मचारी मिल सकेंगे एवं सफाईकर्मी के परिवार को पुनः रोजगार की प्राप्ति हो सकेगी। यह नियम पहले था, जिसको वापस बहाल करके वंचित वाल्मीकियों को राहत प्रदान की जाए। देश के कुछ प्रान्तों में यह नियम आज भी लागू है। यह नियम राजस्थान में पुनः शुरू करके लाखों बाल्मीकि सफाई करने वाले समाज को लाभान्वित किया जाए।
वाल्मीकि स्वच्छकार समाज आयोग का गठन हो
ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान अनुसूचित जाति वित्त आयोग की नियुक्तियों करने पर धन्यवाद देते हुए ज्ञापन में बताया गया है कि एस.सी. आयोग में बाल्मिकी समाज को ही नियुक्ति दी जाये।अनुसूचित जाति में बाल्मीकि समाज दूसरे नम्बर पर है, इसलिए एससी आयोग में इसी समाज को जगह दी जाये। राजस्थान सफाई कर्मचारी आयोग की नियुक्त भी जल्दी ही दी जावे, जिससे सफाई कर्मचारी की अवरूद्ध मांगों का जल्द समाधान हो सके और सभी जातियां व सफाई कार्य करने वाले समाजों के आयोग बने हुए है।बाल्मिकी स्वच्छकार समाज आयोग का भी गठन करके स्वच्छता का कार्य करने वाली जातियों को मिलाकर ‘वाल्मीकि स्वच्छकार समाज आयोग’ का गठन करके सफाई समाज को कृतज्ञ करें। पूर्व में सफाई कर्मचारी आयोग बना हुआ है, जो सिर्फ सफाई कर्मचारियों के नहीं की, बाल्मीकि समाज के है।
वाल्मीकि समाज के लिए छात्रावास बनाया जाए
वंचित बाल्मीकि समाज को भारत के बहुत से प्रदेशों में अलग से आरक्षण की व्यवस्था की गई है। राजस्थान प्रदेश में लोकसभा, विधानसभा में उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, यह समाज वंचित रहा है। इसलिए राजस्थान में इनके लिए अलग आरक्षण लाभ देकर समाज की मुख्य धारा लाया जाए। दलित समाजों के लिए सरकारों ने छात्रावास बनाये हैं। वैसे ही बाल्मीकि समाज के लिए सुजानगढ़ शहर में व राजस्थान के विभिन्न शहरों में ‘बाल्मीकि छात्रावास’ का निर्माण करवाकर बाल्मीकि समाज के छात्र-छात्राओं पर उपकार किया जाए।
इन सबने किए ज्ञापन पर हस्ताक्षर
इस ज्ञापन पर पार्षद रेवन्तराम पंवार, प्रदीप सियोता, आकाश, अनिल, पुखराज, मनीष, रणजीत कुमार, शंकर, अभिजीत, अँशु, हंसराज, संजय, रेवंत सियोता, पृथ्वीराज, रोहित, अमित, मोहित पंवार, रोहित पंवार, चांदाराम, सुमित, ओमप्रकाश, राजाराम, गणेश, भागचन्द, हिमालय, विकास, सूरज, राहुल
सूरज चिण्डालिया, अभिषेक, सुरेश कुमार, बुद्धराज, संजय आदि बड़ी संख्या में हस्ताक्षर किए हैं और पैदल कूच में शामिल भी हुए हैं।







