जलझूलनी एकादशी का मेला बुधवार को लगेगा बस स्टैंड राहूकुआं पर,
लाडनूं शहर के सभी प्रमुख मंदिरों से निकलेगी ठाकुर जी की सवारी लेकर रेवड़ियां
लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के ऐतिहासिक मेले जलझूलनी एकादशी का आयोजन इस बार 3 सितम्बर बुधवार को होने जा रहा है। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों से सुसज्जित रेवड़ियों में ठाकुर जी की प्रतिमाओं को मंदिरों से बाहर निकाला जाता है और जुलूस के साथ उन्हें विभिन्न धार्मिक क्रियाकलापों के लिए यहां राहु कुआं पर लाया जाएगा। यहां इन सभी रेवड़ियों के बस स्टैंड पहुंचने का समय सायं 5.15 बजे निर्धारित किया गया है। जलझूलनी एकादशी पर निकलने वाली इन रेवड़ियों के बस स्टैंड स्थित राहु कुएं पर पहुंचने पर वहां सभी मंदिरों से आई हुई रेवड़ियों में विराजे ठाकुर जी को स्नान कराया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के मंदिर-अर्चक पुरोहित-प्रमुख गौतम दत्त शास्त्री ने बताया कि बुधवार शाम को 5.15 बजे शहर के प्रमुख मंदिरों से निकलने वाली भगवान की झांकियां हनुमान गेट पर पहुंचेगी, जहां से नगर में सभी मंदिरों की रेवड़ियां सामूहिक रूप से बस स्टैंड स्थित राहुकुएं पर विराजमान होंगी व वहां उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी।
साफ-सफाई का लिया जायजा
जलझूलनी एकादशी पर होने वाले इस मेले की तैयारी को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता नरेन्द्र भोजक, पृथ्वीसिंह जैतमाल तथा नगर पालिका के जमादार महेंद्र कुमार ने राहूकुआं पर पहुंच कर वहां की साफ-सफाई एवं मार्ग की सफाई का जायजा लिया। सभी सनातनी बंधु यहां इन सभी रेवड़ियों के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां जलझूलनी एकादशी का भव्य मेला आयोजित होता है तथा राहुकुंए पर ठाकुर जी की स्नान के बाद उन्हें वापस अपने-अपने मंदिरों की ओर लौटाते हैं। इन रेवड़ियों में सवार देव प्रतिमाओं का नगरवासियों द्वारा जगह-जगह स्वागत किया जाता है। विश्व हिन्दू परिषद ने नगर के इस पौराणिक मेले और इसकी पौराणिक परंपरा को बचाए रखने के लिए सबसे अपील की है तथा शहर के हर गली-मोहल्ले से परिवारजनों, मित्रों, बच्चों को शाम को रेवाड़ी व ठाकुर जी के दर्शन के लिए आने का निवेदन किया है।






