लाडनूं में बढती चोरियों कोे लेकर तहसील के समक्ष दिया जा रहा धरना चौथे दिन भी रहा जारी, सोमवार से किया जाएगा आंदोलन तेज, कलेक्टर को ज्ञापन देकर धरनार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर की वार्ता, धरना हटाने पर नहीं बनी सहमति 

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

लाडनूं में बढती चोरियों कोे लेकर तहसील के समक्ष दिया जा रहा धरना चौथे दिन भी रहा जारी, सोमवार से किया जाएगा आंदोलन तेज,

कलेक्टर को ज्ञापन देकर धरनार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर की वार्ता, धरना हटाने पर नहीं बनी सहमति 

लाडनूं (kalamkala.in)। लाडनूं के ग्राम हीरावती में चोरों द्वारा अनेक मकानों में सेंध लगाकर करीब एक करोड़ की चोरी करने के मामले में मुलजिमानों को पकड़ने और चोरी का माल बरामद करने की मांग को लेकर तहसील कार्यालय के सामने धरना लगाकर बैठे ग्रामीण चौथे दिन भी लगातार वहां डटे रहे। गुरूवार को कलेक्ट्रेट डॉ. महेंद्र खड़गावत लाडनूं पहुंचे और यहां पंचायत समिति में धरनार्थियों को बुला कर उनसे बातचीत की और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत को किसान नेता देवाराम पटेल व सरपंच संघ के अध्यक्ष गणेश चबराल के नेतृत्व में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंप कर उनसे वार्ता भी की।

ग्रामीणों ने नहीं माना कलेक्टर का आग्रह

ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर ग्राम हिरावती व आसपास के क्षेत्र हुई चोरी की घटनाओं के सम्बन्ध में क्रमिक धरना लगातार जारी रखने और चोरों का शीघ्र पता लगाए जाने की अपनी मांग दोहराई। कलेक्टर ने लोगों को सही व शीघ्र जांच करवाने का भरोसा दिलाया और धरना हटाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने एसपी ऋचा तोमर से इस बाबत फोन कर बात भी की, लेकिन धरनार्थी अपना धरना हटाने पर सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सोमवार से पहले अगर पुलिस चोरियों का पता नहीं लगा पाती है तो सोमवार से उनका धरना-प्रदर्शन तीव्र हो जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चोरी की वारदातों के बाद भी पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीण असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। चोरों के आतंक से ग्रामीण रात भर जागरण करने को मजबूर हैं। प्रशासन व पुलिस की उदासीनता के चलते हालात गंभीर हो गए हैं।

यह दिया गया ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन

दिए गए ज्ञापन में लिखा गया कि लाडनूं तहसील के ग्राम हीरावती व आसपास के क्षेत्र में 31 अगस्त को रात्रि में करीब 4 जगह चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें करीब डेढ करोड़ रूपये के सोने चांदी के गहने तथा नकदी रूपये की चोरी हुई। इसकी एफ.आई.आर. नम्बर 149/25 लाडनूं पुलिस थाने में दर्ज है। घटना के 11 दिन बीत जाने के बावूुद कोई सन्तोषप्रद कार्यवाही पुलिस द्वारा नहीं की गई है। इस कारण क्षेत्र के लोगो में भारी आक्रोश है और 8 सितम्बर से लोगों का धरना जारी है। धरने के पहले दिन एडिशनल एस.पी. डीडवाना द्वारा आगामी 8 दिनों में चोरो को पकड़ने व माल बरामदगी का आश्वासन दिया था। परन्तु अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो पाई।

धरने में ये सब रहे शामिल

गुरूवार को धरने को सम्बोधित करने वालों में एडवोकेट गोवर्धन सिंह, अयूब खान मोयल, राजस्थान जाट महासभा के तहसील अध्यक्ष नाथूराम ठोलिया, रामनिवास पटेल, लादूसिंह धुडि़ला, बजरंग लाल, जगदीश पोटलिया, किसान सभा के अध्यक्ष भंवरलाल सारण, किशनाराम डूड़ी, आदि ने पुलिस की कार्रवाई से असंतोष प्रकट किया। धरने पर बैठने वालों व ज्ञापन देने वालों में देवाराम पटेल, विकास बुरड़क, सरपंच गणेश राम चबराल ओड़ींट, किशनलाल डूडी, गंगाराम रैगर, जगन्नाथ जाट, अयूब खां मोयल, प्रेमदास स्वामी, लादूसिंह, जगदीश पोटलिया, नाथूराम, सुखराम, चुनाराम, आशाराम, त्रिलोकचंद खिलेरी, गेनाराम महरिया, देवाराम सारण, मानाराम, टीकूदास, रामचन्द्र, बालाराम, नथूराम प्रजापत, सहीराम, रेखाराम रैवाड़, चमपालाल हीरावती, मनमोहन कालेरा, सरपंच चंपालाल मेघवाल मंगलपुरा, मूलाराम आदि शामिल रहे। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक रेंज अजमेर, पुलिस अधीक्षक डीडवाना-कुचामन को भी भेजी गई है।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

शहर चुनें

Follow Us Now