जैविभा विश्वविद्यालय में त्रि-दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगितों के कार्यक्रम ‘संस्कृति संगम–2026’ का शुभारंभ, प्रथम दिवस वाद-विवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और आशु भाषण (एक्सटेम्पोर) प्रतियोगिता का आयोजन

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जैविभा विश्वविद्यालय में त्रि-दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगितों के कार्यक्रम ‘संस्कृति संगम–2026’ का शुभारंभ,

प्रथम दिवस वाद-विवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और आशु भाषण (एक्सटेम्पोर) प्रतियोगिता का आयोजन

लाडनूं (kalamkala.in)। जैन विश्वभारती संस्थान में त्रि-दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘संस्कृति संगम–2026’ का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि एम. एस. घोड़ावत हॉस्पिटल की डायरेक्टर मंजू घोड़ावत रहीं। मंचासीन गणमान्य अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव देबाशीष गोस्वामी, राजस्थानी भाषा एवं साहित्य विभागाध्यक्ष प्रो. एल. के. व्यास, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा तिवाड़ी तथा शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. बी. एल. जैन थे। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, उत्साह और सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ न केवल अभिव्यक्ति-कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाती हैं, बल्कि रचनात्मकता, विचार-विमर्श और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त मंच भी प्रदान करती हैं।कार्यक्रम के प्रथम दिवस तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिनमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और आशु भाषण (एक्सटेम्पोर) प्रतियोगिता शामिल थीं।वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विषय-चयन, तार्किक प्रस्तुति एवं समसामयिक दृष्टिकोण के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की विचार-प्रस्तुति की सराहना की। इन प्रतियोगिताओं में निर्णायकों की भूमिका के रूप में साहित्यकार कालीप्रसाद शर्मा, सोनादेवी सेठिया गर्ल्स कॉलेज के दर्शन विभाग की सहायक आचार्या डॉ. मेघना सोनी, लाडनूं नगर के सुप्रसिद्ध वक्ता हर्षवर्धन नांदू आदि उपस्थित रहे।सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी बहु-चरणीय रही, जिसमें ब्रेन बूस्टर, बज़र राउंड, रैपिड फायर तथा विज़ुअल राउंड शामिल थे। विभिन्न समूहों के मध्य कड़ा मुकाबला देखने को मिला और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समूहों का चयन किया गया। आशु भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, समय का महत्व, कॉलेज जीवन, पर्यावरण संकट, ए.आई. का भविष्य, परिवार का महत्व, एकता में शक्ति तथा प्लास्टिक फ्री इंडिया जैसे समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवींद्र सिंह राठौड़, सह आचार्य शिक्षा विभाग डॉ. अमिता जैन, अहिंसा एवं शांति विभाग सह आचार्य आकांक्षा वैष्णव रहीं। ‘संस्कृति संगम–2026’ के अन्य सत्रों में विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनसे परिसर में उत्सव, सृजन और सांस्कृतिक समन्वय का वातावरण बना हुआ है। आगामी दो दिनों में संस्कृति संगम 2026 की अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम का आरंभ विद्यार्थी तमन्ना तंवर द्वारा प्रस्तुत नवकार स्तुति पर किए गए भावपूर्ण नृत्य से हुआ। फिर अतिथि स्वागत के बाद सांस्कृतिक सचिव सुश्री स्नेहा शर्मा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागाध्यक्षों, निर्णायक मंडल, संकाय सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लिपि जैन ने किया।अंत में आभार ज्ञापन श्रीमती ईर्या जैन द्वारा किया गया।

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Author: kalamkala

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