मालगांव व सिकराली के उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर जन सेवार्थ एम्बुलेंस प्रदान की,
भामाशाह बालाराम ठेकेदार को ग्रामीणों ने बनाया सरपंच पद का दावेदार



लाड नूं (kalamkala.in)। गांवों में जन प्रतिनिधि ग्रामीणों के लिए कोई सुविधाएं जुटा पाए या नहीं, लेकिन जिसमें गांव के लिए कुछ करने की भावना हो तो वह आगे बढ कर भामाशाह के रूप में गांव का भला अवश्य कर देता है। तहसील की ग्राम पंचायत मालगांव में कुछ ऐसा ही देखने में आया है। यहां ठेकेदार बालाराम ने मालगांव व सिकराली के लिए एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की है। अपने खर्च से धन लगा कर उन्होंने यह एम्बुलेंस सभी चिकित्सकीय सुविधाओं से परिपूर्ण मालगांव व सिकराली के उप स्वास्थ्य केन्द्रों से मरीजों को चिकित्सार्थ निम्बी जोधां, लाडनूं व डीडवाना ले जाने के लिए प्रदान की है। हालांकि उन्होंने यह एम्बुलेंस इन दोनों उप स्वास्थ्य केन्द्रों व मालगांव ग्राम पंचायत के सुपुर्द की है, लेकिन इसकी देखभाल का जिम्मा आवश्यकता पड़ने पर स्वयं करने की भावना भी जताई। इस एम्बुलेंस का लोकार्पण संत श्री गोपाल पुरी महाराज ने किया।
मरीजों की मदद के लिए वे सदैव तत्पर हैं
इस कार्यक्रम के दौरान जब ठेकेदार बालाराम से पूछा गया कि उनमें यह भावना कैसे आई, तो बात करते-करते उनकी आंखें डबडबा आई और उन्होंने बताया कि यहां मरीजों को उप स्वास्थ्य केन्द्र पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती और मरीज की गंभीर हालत या बिगड़ती स्थिति को देखा नहीं जा सकता। इस स्थिति में उन्हें अगर समय पर उच्च चिकित्सा सुविधा नहीं मिले तो उनके प्राण संकट में पड़ सकते हैं। उन सबकी मदद के लिए उन्होंने यह पहल की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के प्रति उनमें सदैव भावना रही हैं। यहां वार्ड सं. 2 में उन्होंने क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए निजी स्तर पर ट्यूबवैल तक बनवा कर दिया है। वे जनहित के हर काम को करने की भावना रखते हैं।
सरपंच बन कर भी करेंगे आमजन और गांवों की सेवा और विकास
इस एम्बुलेंस लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हुए। ग्रामीणों ने उनके समक्ष इस बार सरपंच का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी रखा। सरपंच बन कर अधिकतम विकास करके गांव की उन्नति के लिए उन्होंने इसे स्वीकार किया। क्षेत्र के सभी जाति-बिरादरी के लोगों ने उनका साथ निभाने का वचन दिया है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार खुद के खर्च से गांव का भला करने वाला कोई सरपंच उन्हें कभी नहीं मिलना। इसलिए उनको इस बार हर हालत जीत दिला कर सरपंच बनाने की सबने ठान रखी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनके सामने कौन-कौन मैदान में आएगा। लेकिन, यह राजनीति है, यहां बहुत ही मुश्किल है कि कोई निर्विरोध ही सरपंच बन पाए। हालांकि गांव वालों का कहना है कि वे वार्ड पंचों का चुनाव तो निर्विरोध ही करवाएंगे।




