लाडनूं की चर्चित राजनीतिक शख्सियत प्रताप सिंह कोयल से एक भेंटवार्ता-
भाजपा में उपेक्षा से व्यथित होकर किया कार्यकर्ताओं और समर्थकों से परामर्श, फिर सबके निर्णय से थामा कांग्रेस का दामन और बनाया चुनाव में कूदने का मानस,
प्रताप सिंह ने बताया, 36 कौम का है साथ, दोनों पंचायत समिति वार्डों में करेंगे जीत हासिल


लाडनूं (kalamkala.in)। क्षेत्र की सबसे चर्चित पोलिटिकल शख्सियत में अग्रणी बने हुए हैं प्रताप सिंह कोयल। इस बार के पंचायत राज चुनाव में तीन सीटों पर इन्होंने धमाल मचा रखा है। पंचायत समिति के वार्ड सं. 26 से ये स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड सं. 25 में इन्होंने अपनी पुत्रवधु पुष्पा कंवर पत्नी गजेंद्र सिंह कोयल को मैदान में उतारा है। इसके बाद ग्राम पंचायत चुनाव में भी इनके ही परिवार से सरपंच का चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी है। लगातार 30 सालों से राजनैतिक सफर तय कर रहे प्रताप सिंह कोयल से एक भेंट हुई, जिसमें इनसे लाडनूं की राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर खासी चर्चा हुई। उनके भाजपा छोड़ कर कांग्रेस का दामन थामना और परिवार से तीन-तीन पदों के चुनाव लड़ने को लेकर भी उनकी चर्चा जोरों पर है।
उनके 30 सालों से घर रहे भाजपा से निकालना लगा दुष्वार
प्रताप सिंह कोयल से यह पूछे जाने पर कि वे हमेशा भाजपा के साथ रहे, लेकिन इस बार पुत्रवधु को कांग्रेस से और स्वयं निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए उतरे हैं, इसके पीछे क्या कारण रहे? इस पर उनका कहना था कि उन्होंने भाजपा को अपना घर समझा था। 30 साल बाद उनकी टिकट काट कर उन्हें इस घर से निकाल दिया गया। यह उनके लिए असहनीय था। वे इस सम्बन्ध में भाजपा के प्रदेश स्तर के सभी दायित्ववान भाजपा पदाधिकारियों से मिले, लेकिन लाडनूं के विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी के विरोध के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने सभी समर्थकों को इकट्ठा किया और उनसे राय-मशविरा किया। सबकी राय जानने के बाद ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के कहने पर राजनीति में इस प्रकार से उतरने का मानस बनाया और अब वे लगातार मैदान में मुकाबले में पुरजोर जमे हुए हैं। कांग्रेस के विधायक मुकेश भाकर ने भाजपा से हुई उनकी गृह-निकासी के बाद मुलाकात की और उन्होंने स्वयं प्रस्ताव देकर पुत्रवधु को कांग्रेस के टिकट से मैदान में उतारा है। इस स्थिति उन्हें जो विधायक मुकेश भाकर का सहयोग मिला, उसके लिए उनके आभारी हैं।
अपनी 30 साल की विकास यात्रा को अब थमने नहीं देंगे
प्रताप सिंह ने बताया कि वे विकास के लिए 1995 से निरन्तर जुटे हुए हैं। वार्ड पंच, उप सरपंच, सरपंच रहने के बाद उन्होंने पुत्रवधु को पंचायत समिति की प्रधान बना कर क्षेत्र के विकास में योगदान किया था। वे इस विकास की यात्रा को थमने नहीं देंगे और लगातार जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके इस क्षेत्र में पानी की प्रमुख समस्या है। यहां लोगों के घरों में जल जीवन मिशन के तहत मीठे पानी के कनेक्शन किए हुए हैं, लेकिन नहर का पानी तीन दिनों के अंतराल से आता है और वह भी पूरा नहीं आता। काफी ढाणियां तो ऐसी हैं, जिनमें छह-छह माह से पानी नसीब ही नहीं होता। अन्य विकास कार्यों में सड़कें, नालियां व पानी की निकासी, सफाई आदि सभी कार्य हैं। वे सारी समस्याओं को दूर करने और विकास में क्षेत्र को अग्रणी रखने का पूरा प्रयास करेंगे।
वार्ड 26 व वार्ड 25 में गांवों और मतदाताओं का समीकरण रहेगा पक्ष में
उन्होंने जानकारी दी कि उनके वार्ड सं. 26 में कोयल, बेड़, दुजार, मंगलपुरा, गोरेड़ी व चक गोरेड़ी गांव आते हैं। इन सभी गांवों के कुल 11 हजार वोटर्स हैं। इनमें राजपूत, जाट, माली, स्वामी, मेघवाल, बावरी, जांगिड़, कुम्हार, गुर्जर, लुहार आदि जातियां सम्मिलित हैं। उन्हें इन सभी 36 कौम का समर्थन व आशीर्वाद प्राप्त है। क्षेत्र के लोगों में भी उनकी टिकट भाजपा से काटे जाने की पीड़ा है और सबका समर्थन उन्हें बराबर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वार्ड सं. 26 से उनकी पुत्रवधु पुष्पा कंवर कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रही है। इस वार्ड में पदमपुरा, आसोटा, खानपुर, भियाणी, डाबड़ी, सुजला (जमालपुरा) शामिल हैं। इनमें कुल मतदाता 5434 हैं और सभी जातियों के मतदाता इनमें शामिल हैं। यहां भी उनको 36 कौम का समर्थन मिल रहा है और उनकी जीत सुनिश्चित रहेगी।




