पीसीसी चीफ डोटासरा को अपने ही घर में घेरने के लिए जुटी भाजपा, लगातार तीन बार लक्ष्मणगढ से जीत चुके डोटासरा को इस बार पटखनी देने की कवायद भाजपा ने लक्ष्मणगढ में रखा 17 अक्टूबर को विशाल किसान सम्मेलन

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पीसीसी चीफ डोटासरा को अपने ही घर में घेरने के लिए जुटी भाजपा, लगातार तीन बार लक्ष्मणगढ से जीत चुके डोटासरा को इस बार पटखनी देने की कवायद

भाजपा ने लक्ष्मणगढ में रखा 17 अक्टूबर को विशाल किसान सम्मेलन

लक्ष्मणगढ़ (पत्रकार बाबूलाल सैनी)। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर भाजपा को आखिर कौनसा भय सता रहा है कि उनको गढ़ में घेरने के लिए प्रदेश भर से भाजपा नेता कवायद मे जुटे हैं। 2008 मे अनुसूचित जाति आरक्षित सीट से से सामान्य हुई लक्ष्मनगढ विधानसभा सीट से मात्र 34 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश जोशी के समक्ष जीत दर्ज करने वाले डोटासरा आज प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार है। अब भाजपा डोटासरा को उनके घर में ही घेराबंदी कर घेरने के लिए मशक्कत रही है। इसी के तहत 17 अक्टूबर को लक्ष्मनगढ में बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के लिए जो तैयारी पार्टी हाईकमान के इशारे पर की जा रही है, उसको देखते हुए ऐसा लगने लगा है कि कहीं भाजपा डोटासरा को गहलोत से भी ज्यादा ताकतवर नेता मानने लगी है। 2008 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नही बचा पाये थे। फिर 2013 में भाजपा ने डोटासरा के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया को मैदान में उतारा था, लेकिन डोटासरा के सामने वो भी राजनैतिक मैदान में टिक नही पाए और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। मजेदार बात यह है कि 2008 व 2013 के भाजपा प्रत्याशी अब कांग्रेस मे है तथा 2013 के विधानसभा चुनाव में डोटासरा के पक्ष में चुनाव प्रचार कर उन्हें जीत की हैट्रिक करा दी। जीत की हैट्रिक बनाने से ही डोटासरा प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शामिल हो गए। वे शिक्षा मंत्री बने तथा वर्तमान में पीसीसी चीफ है।
लगातार तीन चुनावों से लेकर अब तक डोटासरा के खिलाफ दिग्गज नेता दिनेश जोशी डटकर मुकाबला कर रहे हैं। वे दो बार निर्दलीय व एक बार भाजपा की टिकट पर डोटासरा के सामने चुनाव लड़ चुके तथा हर बार पहले से ज्यादा मत हासिल करते रहे। यह दिगर है कि हार का अंतर भी हर बार बढा। इसके बावजूद जोशी आज भी राजनैतिक रूप से डोटासरा के खिलाफ डटकर खड़े हैं। जबकि 2008 के भाजपा प्रत्याशी मदन सेवदा व 2013 के भाजपा प्रत्याशी सुभाष महरिया कांग्रेस में शामिल हो गए। सेवदा वर्तमान में पंचायत समिति लक्ष्मनगढ में कांग्रेस के प्रधान हैं, तो महरिया गत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा सभा का चुनाव लड चुके हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार अब तक के तीनों चुनावों के समीकरण को देखते हुए भाजपा ने एक बार फिर लक्ष्मनगढ विधानसभा क्षेत्र के लिए नई रणनीति अपनाकर डोटासरा को उनके गढ़ में घेरने की कवायद शुरू कर दी है तथा इसके लिए लक्ष्मनगढ में 17 अक्टूबर को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में बड़ी किसान सभा आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता सभा को संबोधित करेंगे।

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Author: kalamkala

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