विद्यार्थियों की क्षमताओं के विकास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास जरूरी, छात्राओं ने वनस्पति विज्ञान से सम्बंधित विभिन्न माॅडल्स बना कर किया प्रदर्शन

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

विद्यार्थियों की क्षमताओं के विकास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास जरूरी,

छात्राओं ने वनस्पति विज्ञान से सम्बंधित विभिन्न माॅडल्स बना कर किया प्रदर्शन

लाडनूं। जैन विश्वभारती संस्थान के शिक्षा विभाग तथा आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा डॉ. गिरधारी लाल शर्मा के निर्देशन में संस्थान के बोटनी लैब में वनस्पति विज्ञान के निर्मित विभिन्न माॅडल्स की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी तथा शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन द्वारा किया गया। दोनों को प्रदर्शनी का अवलोकन डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने करवाया तथा बताया कि प्रदर्शित सभी मॉडल्स का चयन स्वयं विद्यार्थियों द्वारा किया गया है, जो इनके पाठ्यचर्या का अंग है। हमारा प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों की क्षमताओं का तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण का यथासंभव विकास हो पाएं। विभिन्न मोडल्स का अवलोकन करने के उपरांत प्रो. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि बहुत ही रचनात्मक कार्य किया गया है। इससे विज्ञान के विद्यार्थियों की क्षमताओं का विकास होता है। प्रो. जैन ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर नवाचार करने हेतु प्रोत्साहित किया तथा कहा कि अन्य विद्यार्थियों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

इन माॅडल्स का किया गया प्रदर्शन

प्रदर्शित माॅडलों में खुशी जोधा ने पुर्नसंयोजी डीएनए तकनीक, उर्मिला तथा प्रियंका ने वानस्पतिक उद्यान, सना ने प्रकाश संश्लेषण, सलोनी, पूर्वी व अभिलाषा ने बूंद-बूंद सिचाई मोडल, मंजू तथा मोनिका ने पोधों में पानी का स्थानांतरण, शिवानी तथा प्रेम ने पत्तियों के शीर्ष के प्रकार, आशना ने मृदा-परिच्छेदिका मोडल, सपना व तनियां तथा दिव्या ने वाष्पोत्सर्जन मोडल, नेहा तथा लिछमा ने डीएनए पुनरावृति मोडल, निर्मला तथा पूजा ने परागण मोडल, दीपिका, सुमित्रा व उषा ने द्विबीजपत्री जड़, कंचन तथा शोभा ने स्टोमेटा की संरचना, संतोष, किरण व विन्दु ने द्विबीजपत्री पर्ण, विमला, पालू व विजयलक्ष्मी ने एक बीजपत्री पर्ण, मनीषा, हर्षिता तथा सुरमा ने एक बीजपत्री स्तम्भ, मेघा ने ग्लाइकोलाइसिस, हेमलता तथा इशिका बरवासा ने हाइड्रोपोनिक्स तथा कमला व् ज्योति ने पर्ण फलक की आकृति के मोडल्स का निर्माण कर प्रदर्शित किए। इस अवसर पर प्रदर्शनी के अवलोकनार्थ डॉ. मनीष भटनागर, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. भावाग्रही प्रधान, डॉ. अमिता जैन, डॉ. सरोज राय, डॉ. गिरिराज भोजक, प्रमोद ओला, डॉ. प्रगति भटनागर, अभिषेक चारण, अभिषेक शर्मा, प्रेयस सोनी, तनिष्का एवं विभिन्न विद्यार्थियों द्वारा किया गया। सभी ने विद्यार्थियों के कार्य को सराहा और उनका उत्साहवर्धन किया।

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

नौ करोड़ राजस्थानियों की अस्मिता की प्रतीक राजस्थानी भाषा को अविलंब मिले संवैधानिक मान्यता- राजेश विद्रोही, उर्दू के ख्यातनाम शायर का खुला विद्रोह, अब केवल और केवल लिखेंगे राजस्थानी में, अद्भुत संकल्प-शीघ्र मिले मान्यता

शहर चुनें

Follow Us Now