हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे मेघवाल समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार से किया इंकार, आखिर डिप्टी गोमाराम की समझाईश पर माने और शाम तक जाते किया अंतिम संंस्कार

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हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे मेघवाल समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार से किया इंकार,

आखिर डिप्टी गोमाराम की समझाईश पर माने और शाम तक जाते किया अंतिम संंस्कार

लाडनूं। निम्बी जोधां में मिले युवक के शव के पोस्टमार्टम के बाद मेघवाल समाज के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मना कर दिया और वे निम्बी के उपतहसील कार्यालय के सामने धरना पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। सभी परिजनों व समाज के लोगों ने पुलिस व प्रशासन के समक्ष मृतक गोपाल की हत्या के मुल्जिमों को गिरफ्तार करने व सजा दिलवाने की मांग की। गौरतलब है कि बुधवार खो सुबह ही उप तहसील के सामने औंधे मुंह गिरी हुई लाश के मिलने और उसके चेहरे पर चोट, खून से सना पत्थर और बिखरा खून मिलने से मृतक के परिजनों ने उसकी हत्या का संदेह व्यक्त करते हुए रिपोर्ट दी थी तथा दो व्यक्तियों पर हत्या का संदेह व्यक्त किया था। इसके बाद थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह घटनास्थल पर पहुंच गये और उन्होंने परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। दोपहर बाद जब मामला अधिक बढ़ता दिखाई दिया, तो डीडवाना से पुलिस उप अधीक्षक गोमाराम बिजारणियां भी मौके पर पहुंच गये और परिजनों की पूरी बात को सुना। उनकी मांग को सुनने के बाद उन्होंने जल्दी ही मुल्जिमों को गिरफ्तार करने व मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों को सजा देने का आश्वासन दिया। साथ ही पुलिस ने दो संदिग्धों को डिटेन भी किया है। डिप्टी गोमाराम बिजारणियां व थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने की हामी भरी। देर शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गौरतलब है कि उपतहसील निम्बी जोधा के पास बुधवार को सुबह मृत मिले गोपालराम पुत्र पदमाराम उम्र 27 वर्ष निवासी राजोद का निम्बी जोधा में ननिहाल है। वह करीब 25 वर्षों से निम्बी जोधा में रह रहा था। वह मजदूरी का काम करता था। वह मंगलवार को शाम 4 बजे से घर से निकला हुआ था। उसके साथ दो अन्य लोग भी देखे गए थे। पुलिस आस पास के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग खंगाल कर ही असलियत कख पता लगा पाएगी।

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Author: kalamkala

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