आचार्यश्री महाश्रमण के लाडनूं में मंगल प्रवेश पर जुलूस की तैयारियों एवं प्रवास व्यवस्थाओं को लेकर बैठक आयोजित
लाडनूं (kalamkala.in)। तेरापंथ धर्मसंघ के अधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण के लाडनूं आगमन को लेकर ‘आचार्यश्री महाश्रमण योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति’ के तत्वावधान में समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद की अध्यक्षता में ऋषभ द्वार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य आचार्यश्री महाश्रमण के आगामी 5 फरवरी को प्रस्तावित लाडनूं आगमन एवं 6 फरवरी को जैन विश्व भारती में मंगल प्रवेश पर भव्य जुलूस के आयोजन तथा आगामी प्रवास व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप प्रदान करना रहा।बैठक में तेरापंथ धर्मसंघ से संबद्ध विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए स्वागत जुलूस की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर योगक्षेम प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद ने व्यवस्थाओं की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि 5 फरवरी को आचार्यश्री महाश्रमण बाकलिया से विहार करते हुए प्रातः लगभग 9.15 बजे डीडवाना तिराहे से जुलूस के रूप में भागचंद बरड़िया के निवास राहू गेट के अंदर “भाग्यश्री” भवन में पधारेंगे। अगले दिवस 6 फरवरी को प्रातः 8.00 बजे करीब आचार्यश्री महाश्रमण अपनी विशाल धवल सेना के साथ भव्य जुलूस के रूप में “भाग्यश्री” से प्रस्थान कर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए जैन विश्व भारती पहुंचेंगे। इस दौरान मार्ग-सज्जा, अनुशासन, स्वागत व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, स्वयंसेवक व्यवस्था एवं जनसहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने जुलूस के दोनों दिनों की तैयारियों की रूपरेखा कार्यकर्ताओं के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, शांति एवं अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए अलग-अलग दायित्व निर्धारित कर टीमों का गठन किया जा रहा है। दोनों दिनों की संपूर्ण जुलूस व्यवस्था का दायित्व तेरापंथ युवक परिषद, लाडनूं को दिया गया। नगर के विभिन्न मार्गो पर स्वागत द्वार, बैनर आदि एकरूपता से लगवाने का दायित्व तेरापंथी सभा के अंतर्गत मंत्री राकेश कोचर को, जुलूस में झंडियां, सुविचार-तख्तियां आदि बनवाने का दायित्व तेरापंथ महिला मंडल को, जुलूस में सहभागिता हेतु विभिन्न विद्यालयों से संपर्क का दायित्व अणुव्रत समिति को दिया गया। इस अवसर पर महामंत्री निर्मल कोटेचा ने कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित, गरिमामय एवं प्रभावशाली बनाने के लिए अनेक रचनात्मक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से अपने दायित्व का जागरूकता से निर्वहन करने का आह्वान किया। सुझावों में स्वागत द्वारों की सज्जा, श्वेत वस्त्रधारी स्वयंसेवकों की व्यवस्था, ध्वनि संयम, महिला-पुरुष पंक्तियों की व्यवस्था तथा स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जैन विश्व भारती के संरक्षक भागचंद बरड़िया, योगक्षेम प्रवास व्यवस्था समिति के उपाध्यक्ष उम्मेद सिंह बोकड़िया, परामर्शक नरपतसिंह दूगड़, मंत्री राजेन्द्र खटेड़, तेरापंथी सभा के मंत्री राकेश कोचर, तेरापंथ महिला मंडल की उपाध्यक्ष समता बोकड़िया, मंत्री लीना दूगड़, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सुमित मोदी, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष डॉ. श्रेयांश घोड़ावत, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष शांतिलाल बैद सहित अनेक पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व सुझाव रखे। अंत में सभी ने आचार्यश्री महाश्रमण के लाडनूं पदार्पण को ऐतिहासिक एवं स्मरणीय बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।







