इंटरनेट पर की गई छोटी सी गलती ला सकती है गंभीर दुष्परिणाम- आरिफ मो. खान चायल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, ‘ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत सायबर दुर्व्यवहार पर जौहरी स्कूल और भूतोड़िया स्कूल में हुए विधिक जागरूकता कार्यक्रम

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इंटरनेट पर की गई छोटी सी गलती ला सकती है गंभीर दुष्परिणाम- आरिफ मो. खान चायल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश,

‘ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत सायबर दुर्व्यवहार पर जौहरी स्कूल और भूतोड़िया स्कूल में हुए विधिक जागरूकता कार्यक्रम

लाडनूं (kalamkala.in)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना के निर्देशानुसार शुक्रवार को लाडनूं क्षेत्र में न्यायिक अधिकारीगण द्वारा ‘इम्प्लेंटेशन ऑफ ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे- लीगल लिट्रेसी एंड सेंसीटाईजेशन प्रोग्राम इन स्कूल्स एक्रोस राजस्थान’ अभियान के तहत ‘सायबर दुर्व्यवहार’ विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत लाडनूं के श्री जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इस विषय पर आयोजित अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश लाडनूं आरिफ मो. खान चायल द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं को आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा को प्रत्येक छात्र की प्राथमिक आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को मोबाईल फोन और इंटरनेट का सदुपयोग करना सिखाया।साथ ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी कि कैसे डिजिटल अरेस्ट से बचा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को चेताया कि इंटरनेट पर की गई एक छोटी सी गलती गंभीर दुष्परिणाम ला सकती है। पैनल अधिवक्ता गजानंद शर्मा ने भी इस विषय पर विद्यार्थीगण को सायबर अपराध की जानकारी देते हुए उनसे बचने के कानूनी उपाय बताये। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मनीष सिंघाटिया एवं अन्य अध्यापकगण मौजूद रहे। मंच संचालन अध्यापक हर्षवर्धन सिंह ने किया।

हर संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि पर तुरंत पुलिस या हेल्प लाइन नम्बर पर शिकायत करें

इसी विषय पर दूसरा विधिक जागरूकता कार्यक्रम सेठ सूरजमल भूतोड़िया बालिका विद्यालय लाडनूं में आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लाडनूं मनोरमा मीणा द्वारा बालिकाओं को बताया कि वर्तमान समय में साइबर जागरूकता उतनी ही आवश्यक है, जितनी सामान्य शिक्षा। साईबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। हर विद्यार्थी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। कोई भी ऑनलाईन संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत इसकी शिकायत संबंधित थाने या ऑनलाईन हेल्पलाईन नंबरों पर करें। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुरेन्द्रसिंह जोधा एवं अन्य अध्यापकगण मौजूद रहे।

हर माह दो बार होता है जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विधिक सेवा सचिव श्रवण कुमार जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा जारी यह अभियान आगामी प्रत्येक पहले और तीसरे मंगलवार तथा अन्य पूर्व निर्धारित तिथियों पर राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों में जारी रहेगा।

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Author: kalamkala

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