लाडनूं में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को गुणवत्ता प्रबंधन के प्रशिक्षण का तीन दिवसीय शिविर सम्पन्न,
30 सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं ने सीखा गुणवत्ता सुधार, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और आय-सृजन के तरीके
लाडनूं (kalamkala.in)। स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्याओं का तीन दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण शिविर लाडनूं में आयोजित किया गया। इसमें 30 महिलाओं ने भाग लिया। ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर नानूराम के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न इस शिविर एवं क्यूएक्यूसी कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को उत्पाद की गुणवत्ता सुधार, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और आय सृजन के तरीकों पर प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण काल में नौरंग दास स्वामी और ममता, राजकुमारी, मंजू सहित अन्य ग्रामीणों और महिला समूहों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर ट्रेनर किरण ने बताया कि महिलाओं को स्वयं के लघु एवं कुटीर उद्योग को विकसित करके उसके उत्पादों को बाजार में उच्च मूल्य में बेच कर वे मुनाफा कमा सकती है। महिला सदस्य ममता ने बताया कि अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को फील्ड की विजिट करवाते हुए समस्त आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। परिवर्तन संस्था के सचिव भरतराज योगी ने बताया कि लाडनूं ब्लॉक में राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी) पहल के अंतर्गत इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग ‘स्वयं सहायता समूह’ से तीस महिलाओं ने ट्रेनिंग में भाग लिया। यह कार्यक्रम आयुक्त उद्योग, वाणिज्य एवं सीएसआर विभाग द्वारा संचालित किया गया। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को गुणवत्ता प्रबंधन में दक्ष बनाना रहा।यह प्रशिक्षण एसएचजी महिला उद्यमियों को उत्पाद गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बाजार में बेहतर स्थान बनाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।







