अब लाडनूं में दो के बजाय तीन स्थानों से निकलेगी गौर-ईशर की प्रतिमाओं की सवारी, सबकी बोलावणी होगी 22 मार्च को राहू कुआं पर, कुम्हारों का बास में रघुनाथ मंदिर में विराजेंगी तीसरी गणगौर, बैठक कर निर्णय लिया, कमेटी बनाई

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

अब लाडनूं में दो के बजाय तीन स्थानों से निकलेगी गौर-ईशर की प्रतिमाओं की सवारी, सबकी बोलावणी होगी 22 मार्च को राहू कुआं पर,

कुम्हारों का बास में रघुनाथ मंदिर में विराजेंगी तीसरी गणगौर, बैठक कर निर्णय लिया, कमेटी बनाई

 

लाडनूं (kalamkala.in)। परम्परागत लोकपर्व गणगौर पर इस बार लगता है दो के स्थान पर तीन-तीन गौर-ईशर की प्रतिमाओं के दर्शन करने को मिलेंगे। शहर के तीन ही स्थानों पर गणगौर के मेले लगेंगे और लोगों के दर्शनार्थ प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी। गणगौर की बोलावणी के विशाल मेला में इन तीनों गौर-ईशर की सवारी पहुंचेगी और राहूकुआं पर पूजा-फेरों के बाद इन्हें वापस यथास्थान लौटाया जाएगा। गौरतलब है कि अब तक लाडनूं में दो स्थानों सेवक चौक और गांधी चौक में ही गणगौर के छोटे मेले लगा करते थे और दो प्रतिमाएं ही गौर-ईशर की सवारी में रहती थी। गणगौर लाडनूं का प्रमुख ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पर्व रहा है। जागीरदारी काल से ही गणगौर पूजा और मेले का आयोजन होता आ रहा है। गणगौर की सवारी लाडनूं गढ़ की ओर से निकलती आई थी। गढ़ के बाहर गांधी चौक में गौर का चबूतरा है, जिस पर गौर व ईशर जनता के दर्शनार्थ विराजित किए जाते थे। लाडनूं के गढ़ की सैर श्रृंगार युक्त और असली सोने के गहनों से लदी-फदी गणगौर की सवारी केवल मोहिल जाति के लोग ही तलवारों-भालों के कड़े पहरे में ले जाते थे और राहूकुआं पहुंच कर बोलावणी की रस्म होती थी। बाद में पुरातन कलाकृतियों के खरीदारों-तस्करों द्वारा उस गौर-ईशर की प्रतिमाओं को मिलीभगत करके ले जाए जाने पर तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल सेठी ने नगर पालिका की ओर से जयपुर से दूसरी प्रतिमाएं खरीद कर मंगवाई गई, जो अब सत्यनारायण मंदिर में विराजित हैं। दूसरी तरफ आम लोगों ने चारभुजा मंदिर में भी प्रतिमाएं मंगवा कर रखवाई। इसके बाद से लाडनूं में दो-दो गौर व ईशर की प्रतिमाएं निकाली जाती रही। इस बार पहली बार लाडनूं में तीसरी गणगौर की धमक होने वाली है।

बैठक कर लिया निर्णय, किया कमेटी का गठन

अब तक सेवक चौक और गांधी चौक में ही गणगौर का मेला लगता आया था, लेकिन अबकी बार 2026 में पहली बार लाडनूं के कुम्हारों के मोहल्ले में भी गणगौर का मेला आयोजित होगा। इसके लिए श्री रघुनाथ मंदिर, कुम्हारों का बास में गणगौर मेले के आयोजन के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के सभी गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने इस वर्ष से कुम्हारों के बास में भी गणगौर मेले का आयोजन करवाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया और इस गणगौर मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन भी किया गया। यह समिति हनुमान मल जांगिड़ की अध्यक्षता में गठित की जाकर मंत्री सुनील पारीक, कोषाध्यक्ष बच्छराज नागपुरिया और कार्यक्रम संयोजक सुशील कुमार पीपलवा को बनाया गया है। समिति में इनके अतिरिक्त क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तियों को भी कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

गणगौर के दर्शन व सवारी का आयोजन 21 और बोलावणी 22 मार्च को

कार्यक्रम संयोजक सुशील पीपलवा ने बताया कि 21 मार्च शनिवार को सायं 4 बजे से गणगौर सवारी का कार्यक्रम शोभा यात्रा के रूप में आयोजित किया जाएगा। गौर-ईसर की सवारी को शाही लवाजमे के साथ भ्रमण करवाया जायेगा, जिसमें घोड़ी नृत्य, ऊंट नृत्य, गौरड़ी नृत्य एवं अन्य आकर्षण रहेंगे। इसके पश्चात गणगौर मेले का आयोजन श्री रघुनाथ मंदिर, गली नंबर 13, कुम्हारों का बास में रात्रि 8 बजे तक किया जाएगा।समिति के मंत्री सुनील पारीक ने बताया कि 22 मार्च रविवार को बोलावणी के मेले के अवसर पर गणगौर की सवारी को अन्य गणगौर प्रतिमाओं के साथ राहूकुआं तक सवारी के रूप में ले जाया जाएगा।

kalamkala
Author: kalamkala

[the_ad id='179']

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

विकास में कभी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी, सभी समाजों को रखा जाएगा साथ- ठाकुर करणीसिंह, लाडनूं के खोखरी में आयोजित सामाजिक संगोष्ठी में क्षेत्र के विकास, जन समस्याओं व आपसी सौहार्द्र पर हुई चर्चा, ग्रामीणों ने किया भाजपा नेता करणीसिंह का भावभीना स्वागत-सम्मान, वक्ताओं ने बिना नाम लिए दिया विधायक मुकेश भाकर के आरोपों का कड़ा जवाब

[the_ad id='15212']
[the_ad id='22854']
[the_ad id='22855']
[the_ad id='22856']

शहर चुनें

Follow Us Now