लगन के साथ काम करने वाला ही सच्चा कार्यकर्ता- आचार्य श्री महाश्रमण,
लाडनूं की योगक्षेम नंदीशाला खिंदास के कार्यकर्ताओं को सुनाया मंगलपाठ

लाडनूं (kalamkala.in)। आचार्य श्री महाश्रमण ने श्री रामानंद गौशाला के स्वामित्व में बन रहे योगक्षेम नंदीशाला खिंदास के कार्यकर्ताओं को मंगलपाठ सुनाते हुए कहा कि प्राणी मात्र के प्रति दया का भाव रखना ही असली धर्म और अहिंसा है। उन्होंने कहा कि जीवन में दया का महत्वपूर्ण स्थान इसलिए है कि यही मानवीय गुण है, जो दूसरों के अपराधों को क्षमा कर सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सच्चा कार्यकर्ता वही है, जो अपने कार्य को लगन के साथ करता है। कार्यक्रम में योगक्षेम नंदीशाला के निर्माता भामाशाह प्रवासी व्यवसायी अजीत सिंह चौरड़िया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय और नंदी को सर्वोपरि माना गया है, इसलिए नंदी की रक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है, जितनी गाय की। कार्यक्रम में गौशाला के ट्रस्टी विनोद कश्यप पटवारी, अशोक कुमार बैद नेपाल, पवन अग्रवाल, नरेंद्र बरमेचा, सुरेंद्र बरमेचा, राजकुमार बैद , गौशाला के उपाध्यक्ष सुशील पीपलवा, मंत्री हंसराज सोनी, डा. शंकर आकाश, पूर्व मंत्री अभय नारायण शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता पवन अग्रवाल, शंकर लाल शर्मा एवं गौशाला के प्रबंधक राजेंद्र जोशी आदि उपस्थित थे।यहां प्रवचन के पश्चात आचार्य महाश्रमण अपनी धवल सेना के साथ मंगलपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे।







