सेना के बाद शिक्षा विभाग और स्काउटिंग में सेवाएं देकर कीर्तिप्राप्त सादगी पसंद शिक्षक लालाराम बिड़ियासर का सेवानिवृत्ति भी बनी सादगी की मिसाल

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सेना के बाद शिक्षा विभाग और स्काउटिंग में सेवाएं देकर कीर्तिप्राप्त सादगी पसंद शिक्षक लालाराम बिड़ियासर का सेवानिवृत्ति भी बनी सादगी की मिसाल

लाडनूं (kalamkala.in)। सेना में अपनी सेवाएं देने और स्काउटिंग के साथ शिक्षक का दायित्व भी लगातार 30 सालों तक निभाने वाले ग्राम सुनारी स्थित शहीद श्री मोडाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक पद से 28 फरवरी को सेवानिवृत हुए लालाराम बिड़ियासर का विदाई समारोह बिना किसी औपचारिकताओं के सादगी से आयोजित किया जाना अब इनके जीवन की सादगी पसंदगी में इनका विदाई समारोह भी शामिल हो गया है। शिक्षक लालाराम बिड़ियासर ने अपने करियर का प्रारम्भ 1984 में भारतीय सेना की 19 राजपूत रेजीमेंट में जीडी क्लर्क के रूप में पर 8 सालों तक देश सेवा का कार्य करते हुए किया। इन्होंने वर्ष 1998 में स्काउट्स संघ द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय जंबूरी में नागौर जिले से प्रतिनिधित्व किया था और इन्होंने राजस्थान दल को सर्वोच्च सम्मान “नेशनल कमिश्नर फ्लैग एवं चीफ कमिश्नर गाइड शील्ड” दिलवाने में अपनी अहम् भूमिका निभाई, वहीं 2003 से 2008 तक ब्लॉक प्रगतिशील शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष की भूमिका में सक्रिय योगदान दिया। लालाराम सदैव कर्तव्यनिष्ठा के साथ शैक्षणिक व सह शैक्षणिक सभी गतिविधियों का कुशलता से संचालन किया। इनकी सादगी भरा व्यवहार सभी के दिलो में अपनी जगह बनाए हुए है और अब सादगी भरा विदाई समारोह इनकी विशेषताओं में शामिल हो गया है। इनके विदाई समारोह में किसी भी तरह की कोई औपचारिकताएं नहीं निभाई गई और पूर्ण सादगी के साथ आयोजित किया गया। इस सेवानिवृत समारोह में सेवानिवृत सूबेदार सुरजाराम भाकर, प्रिंसिपल इंद्रचंद जांगिड़, रवि पंवार सहित विद्यालय स्टाफ ने लालाराम बिड़ियासर को फूल मालाएं और साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया।

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Author: kalamkala

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