देश की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती पर 3 जनवरी को ‘राष्ट्रीय शिक्षिका दिवस’ घोषित करने की मांग,
अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने छेड़ा अभियान, 5 जनवरी को देंगे ज्ञापन
लाडनूं (kalamkala.in)। देश में महिला विद्यालयों के प्रारंभ और उनकी श्रृंखला स्थापित करने वाली देश की प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती पर 3 जनवरी को ‘राष्ट्रीय शिक्षिका दिवस’ घोषित करवाने की मांग को लेकर अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ काफी गंभीर हो गया है। गौरतलब है कि सैनी-माली समाज इस मांग को लेकर लम्बे समय से सरकारों से मांग करता आ रहा है। अब अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ लाडनूं के बैनर तले इसे लेकर 5 जनवरी सोमवार को अपराह्न 3 बजे सभी कर्मचारी एकत्र होकर यहां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देंगे, जिसमें राज्य व केंद्र सरकार के समक्ष मांग प्रस्तुत की जाएगी। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ लाडनूं के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद घिंटाला ने बताया कि शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों व कई संगठनों की अगुवाई में सावित्री बाई फुले के कृतित्व व जीवनी के अध्ययन द्वारा भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने, समाज सुधार के लिए प्रेरित करने तथा महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार को 3 जनवरी के दिन को ‘राष्ट्रीय शिक्षिका दिवस’ घोषित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए चलाए जाने वाले अभियान को गति देने के लिए राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत), शिक्षक संघ (राष्ट्रीय), शिक्षक संघ (अंबेडकर), पंचायती राज कार्मिक, मदरसा पैरा टीचर्स, शारीरिक शिक्षक संघ व रेसला सहित तमाम तरह के संगठनों से जुड़े हुए शिक्षक बंधुओं से अपील की गई है कि इस मांग को सरकार तक भिजवा कर शीघ्र इसकी घोषणा करवाने के अभियान में सब एकजुट होकर सहयोग करें।







