धार्मिक यात्रा से वापस लौट रहे यात्रियों की इको कार और ट्रेलर में हुई जोरदार भिड़ंत, 9 यात्री घायल हुए,
सभी 12 यात्री मध्यप्रदेश से थे एक ही परिवार के सदस्य


लाडनूं/ सुजानगढ़ (kalamkala.in)। मध्यप्रदेश से सालासर और अन्य धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रा कर वापिस लौट रहे मध्यप्रदेश के एक ही परिवार के सदस्यों के साथ अचानक सड़क हादसा होने से 9 जने घायल हो गए। ये सभी यात्री इको गाड़ी में सवार थे। इको में पुरुष, महिला और बच्चों सहित कुल 12 जने थे। इनके बोबासर पुलिया उतर कर लाडनूं की ओर थोड़ी दूर पर ही आगे बढ़ने पर ट्रेलर और उस इको की जबरदस्त टक्कर हुई, जिसमें 9 जने घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रेलर चालक अपना ट्रेलर छोड़कर मौके से फरार हो गया। रविवार दोपहर को यह हादसा बजरंगी गौ चिकित्सालय के पास हुआ। हादसे में घायल हुए सभी जनों को सुजानगढ़ के सरकारी अस्पताल अस्पताल लाया गया। घायलों में से 5 की हालत गंभीर होने से उन्हें हाई सेंटर के लिए रैफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने पर हाईवे पेट्रोलिंग के रविशंकर त्रिपाठी, 108 एम्बुलेंस तथा टीम हारे का सहारा संयोजक श्याम स्वर्णकार, नवरत्न बिजारणिया, विनोद सैन, मनोज प्रजापत, अजय बरवासा आदि ने मौके से सभी घायलों को सुजानगढ़ के सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उन्हें भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया। डॉ. रघुवीर तुनवाल, डॉ. महिपाल, अमित, अन्नाराम गोदारा, विकास ढाका आदि ने इलाज प्रारंभ किया। सूचना पर सुजानगढ़ कोतवाली के थानाधिकारी बेगाराम मीणा भी मौक़े पर पहुंचे तथा हेड कांस्टेबल सतवीर अस्पताल पहुंचे तथा मामले की पूरी जानकारी ली।
ये सब लोग हुए हादसे में घायल
घायलों मे गणपत सिंह (60) पुत्र रामसिंह बंजारा, भोमसिंह (62) पुत्र कनीराम, शांति (55) पत्नी गणपत सिंह, तीनों निवासी निवासी रामनगर जालौदा जिला शाहजहांपुर मध्यप्रदेश के हैं। इनके अलावा प्रभु सिंह (45) पुत्र अमर सिंह, सामु बाई (60) पत्नी लक्ष्मण बंजारा, ललिता (40) पत्नी प्रभु,राजेश (22) पुत्र किशनलाल, कैलाश (38) पुत्र लक्ष्मण, यश (5) पुत्र भरत सिंह, सभी निवासी ग्राम दीपू तहसील और जिला आगर मालवा, कनाड़ शाजापुर मध्यप्रदेश हैं। इनमें से सोमू देवी, कैलाश, लक्ष्मण, ललिता, शांति बाई आदि को हायर सेंटर रेफर किया गया, पर सारे एक परिवार के होने के कारण सभी साथ में यहां से रवाना हो गए। इस जोरदार भिड़ंत में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गनीमत रही कि इतनी जबरदस्त टक्कर के बावजूद कोई भी जनहानि नहीं हुई.श। टीम हारे का सहारा ने श्याम स्वर्णकार के नेतृत्व मे पूरी तरह कमान संभाली तथा सभी का समय पर इलाज करवाकर सभी घायलों को हायर सेंटर के लिए रवाना किया।







