विभिन्न जिलों में चेन स्नेचिंग के अलावा वाहन चोरी तक करने वाली गैंग का पर्दाफाश,
तीन हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त बाइक व कार जब्त
डीडवाना। पिछले कुछ समय से जिले भर में हो रही चेनस्नेचिंग और इनसे मिलती-जुलती घटनाओं को लेकर गंभीर जिला पुलिस ने सख्ती से कदम उठाते हुए इन वारदातों की रोकथाम, नियंत्रण और आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के लिए चलाए गए अभियान के तहत गठित की गई विशेष पुलिस टीम ने तीन आरोपियों का गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए ये शातिर नकबजन जयुपर, किशनगढ व श्रीमाधोपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों से पुलिस ने वारदात में काम ली गई बाइक व कार को भी बरामद कर जब्त कर लिया गया है।
सांभर, नावां, डीडवाना, जयपुर की चोरियां कबूली
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने सांभर मे महिला की चैन तोड़ना, नावां में महिला का मादलिया तोड़ना, डीडवाना में महिला की चैन तोड़ना, डीडवाना में महिला की कंठी तोड़ना, जयपुर से 3 बाइक चोरी करना कबूल किया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। जिनसे चोरी, नकबजनी, चेन स्नीचिंग व लूट की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने बताया कि डीडवाना क्षेत्र में 13 नवम्बर को कोट मोहल्ले में पैदल चलती महिला के गले से सोने की चैन लूटने व 14 दिसम्बर को आढका बास में दुकान पर बैठी महिला से सोने की कंठी छीनने के मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा आमीन (28) पुत्र मोहम्मद इस्माईल गांधीनगर किशनगढ़ हाल निवासी सिलावटों की ढ़ाणी मकराना, अशोक (43) पुत्र मनोहर लाल प्रताप नगर जयपुर निवासी, राहुल (27) पुत्र भरतसिंह श्रीमाधोपुर हाल निवासी जयपुर को गिरफ्तार किया गया है।
तीनो ही आरोपी हैं हिस्ट्रीशीटर, 36 मुकदमे तक दर्ज
पुलिस ने बताया कि आमीर गांधीनगर पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 15 प्रकरण दर्ज है। राहुल प्रताप नगर जयपुर का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 5 प्रकरण दर्ज है। अशोक प्रताप नगर जयपुर ईस्ट का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 36 प्रकरण दर्ज है। पुलिस टीम में डीडवाना सीआई राजेश कुमार, मकराना सीआई प्रमोद कुमार शर्मा, मौलासर थानाधिकारी जसवंतदेव, खुनखुना थाधिकारी बनवारी लाल सहित फारूख, गजेन्द्र, महेन्द्र, श्यामलाल, मूलाराम, सुशील कुमार, धर्मेन्द्र, छोटुराम, सुरेन्द्र, प्रहलाद, पुखराज, श्रीपाल, प्रियंक मीणा, रिछपाल, सुरेश, प्रकाश की टीम ने आरोपियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।







