राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रैक्टिस व पाठ्यक्रम पर फिलहाल कोई रोक नहीं, डॉ. मनोज शर्मा की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए आदेश, नियम-विनियम के अभाव में किसी को रोका नहीं जा सकता

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रैक्टिस व पाठ्यक्रम पर फिलहाल कोई रोक नहीं,

डॉ. मनोज शर्मा की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए आदेश, नियम-विनियम के अभाव में किसी को रोका नहीं जा सकता

 

जयपुर (kalamkala.in)। राजस्थान हाईकोर्ट के हाल ही में पारित एक आदेश द्वारा इलेक्ट्रोपैथी के अभ्यास को विनियमित करने के लिए नियमों और विनियमों की अनुपस्थिति के कारण याचिकाकर्ता पर प्रेक्टिस व किसी अनधिकृत पाठ्यक्रम में भाग लेने से रोका नहीं जा सकता। राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर बैंच ने याचिकाकर्ता के पक्ष में यह आदेश जारी कर कहा है कि इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रैक्टिस व पाठ्यक्रम पर कोई रोक नही है। इस प्रकरण में एक याचिकाकर्ता मनोज शर्मा ने राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, जयपुर के रजिस्ट्रार द्वारा जारी एक नोटिस को चुनौती दी है। इस नोटिस में याचिकाकर्ता को इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रेक्टिस बंद करने और आम जनता को अनधिकृत प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने से रोकने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने अभी तक इलेक्ट्रोपैथी के अभ्यास को विनियमित करने के लिए कोई नियम और विनियम नहीं बनाए हैं, और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक पूर्व आदेश के अनुसार, सरकार को इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में अभ्यास करने वाले या शिक्षा प्रदान करने वाले किसी भी व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप करने से रोक दिया गया है।माननीय न्यायमूर्ति आनंद शर्मा ने आदेश दिया है कि मामले पर विचार की जरूरत है और नोटिस जारी किया जाएगा। इस बीच, और अगले आदेश तक, याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।सारांश में, यह एक न्यायालय का आदेश है, जो इलेक्ट्रोपैथी के अभ्यास को विनियमित करने के लिए नियमों और विनियमों की अनुपस्थिति के कारण याचिकाकर्ता के पक्ष में है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया यह आदेश

हाईकोर्ट की जयपुर बैंच ने सिंगल बैंच सिविल रिट पिटीशन नंबर 18310/2025 में डॉ. मनोज कुमार शर्मा की पीटीशन पर यूनियन ऑफ़ इंडिया और अन्य के विरुद्ध इस याचिका में जस्टिस आनंद शर्मा ने 28 नवम्बर को ऑर्डर दिया। इसके अनुसार ‘यह पिटीशन फाइल करके, पिटीशनर ने राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, जयपुर के रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए गए 29.09.2025 के नोटिस को चैलेंज किया है, जिसके तहत पिटीशनर को इलेक्ट्रोपैथी के फील्ड में प्रैक्टिस बंद करने और आम लोगों को अनऑथराइज़्ड ट्रेनिंग कोर्स में हिस्सा लेने के लिए उकसाने से रोकने का निर्देश दिया गया है।पिटीशनर के वकील का कहना है कि आज तक राज्य सरकार ने कोर्स के संचालन और इलेक्ट्रोपैथी की प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए कोई नियम और रेगुलेशन नहीं बनाए हैं और कोई कानूनी नियम/रेगुलेशन न होने की वजह से, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रैक्टिस करने या शिक्षा देने से किसी भी व्यक्ति के दखल पर रोक लगा दी है।इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ‘राजेश कुमार और अन्य बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया’ के मामले में दिए गए आदेश के पालन में, भारत सरकार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी द्वारा 05.05.2010 का आदेश भी जारी किया गया है। हेल्थ रिसर्च डिपार्टमेंट ने दोहराया है कि किसी भी व्यक्ति को इलेक्ट्रोपैथी के क्षेत्र में प्रैक्टिस करने और शिक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। मामले पर विचार करने की ज़रूरत है। इस बीच, और अगले ऑर्डर तक, 29.09.2025 के नोटिस के तहत पिटीशनर के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती की कार्रवाई नहीं की जाएगी।’

kalamkala
Author: kalamkala

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पड़ गई

लाडनूं के छिपोलाई का कायाकल्प करने का संकल्प, जल आवक की नहरों की होगी खुदाई, तालाब के 400 बीघा अगोर भूमि क्षेत्र से हटवाए जाएंगे अतिक्रमण, सीसी निर्मित होगा तालाब का पूरे जलभराव क्षेत्र का पैंदा लाडनूं में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कार्यक्रम आयोजित

लाडनूं में बच्चों में संस्कारों के निर्माण के लिए पांच दिवसीय राष्ट्रीय शिविर का आयोजन, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ शिविर

शहर चुनें

Follow Us Now