लाडनूं पंचायत समिति में चहेते सरपंचों को नाजायज तरीके से लाभान्वित करने के लिए की जा रही गलत कवायदों की निष्पक्ष जांच की मांग,
भाजपा नेता करणी सिंह की तरफ से विभिन्न सरपंचों ने दिया जिला कलेक्टर को ज्ञापन

लाडनूं (kalamkala.in)। भाजपा नेता व विधानसभा प्रत्याशी ठाकुर करणी सिंह लाडनूं की ओर से जिला कलेक्टर डॉ. महेन्द्र खड़गावत को एक ज्ञापन दिया जाकर नागौर जिला परिषद् में जिला परिषद् सदस्यों की 17 नवम्बर की बैठक एवं जिला डीडवाना-कुचामन की दिशा की 26 नवम्बर की बैठक में पंचायत समिति लाडनूं की बीडीओ (खण्ड विकास अधिकारी) श्रीमती कुमुद सोलंकी के सम्बन्ध में हुए घटनाक्रम को जायज ठहराते हुए सम्बंधित अधिकारी एवं सांसद व पंचायत समिति प्रधान द्वारा अपने चहेतों को राशि वितरित करने के अनुचित दबाव बनाने के सम्बन्ध में संदर्भित लाडनूं पंचायत समिति में हुई साधारण सभा में अनैतिक रूप से हंगामा कर इस महिला विकास अधिकारी को हतोत्साहित कर असंवैधानिक कार्य करवाने के लिए दबाव बनाया गया। फिर विधायक मुकेश कुमार भाकर द्वारा सस्ती लोकप्रियता के लिए बैठक में व्यक्तिशः उपस्थित होकर अवैध तरीके से बीडीओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करवाने के सन्दर्भ में ज्ञापन में उल्लेख किए गए हैं। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच करवाने और बीडीओ सहित कार्मिकों को संरक्षण दिए जाने की मांग भी की गई है।
अनुचित मांगें नहीं मानने पर गलत तरीके से लाए निंदा प्रस्ताव
ज्ञापन में लिखा गया है कि गत 14 अगस्त को पंचायत समिति लाडनूं की साधारण सभा का आयोजन किया गया था। इसी दिन उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के डीडवाना प्रवास पर एवं मंत्री विजय सिंह चौधरी के लाडनूं प्रवास के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों पंचायत समिति सदस्य, सरपंच या प्रशासक आदि वहां चले गए थे। उन सबकी अनुपस्थिति का लाभ उठाते हुए कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने महिला विकास अधिकारी के विरुद्ध अपमानजनक होहल्ला मचा कर वातावरण को दूषित किया एवं दबाव बनाकर महिला बीडीओ के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित करवाया। जबकि विकास अधिकारी श्रीमती कुमुद सोलंकी पंचायती राज के नियमों के अनुसार चलते हुए सभी जनप्रतिनिधियों को समान दृष्टि से देखती है। विधायक मुकेश कुमार भाकर अपनी सस्ती लोकप्रियता के लिए एवं अपने कुछ चहेते सरपंचों को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए विकास अधिकारी श्रीमती कुमुद सोलंकी पर अनर्गल दबाव डालकर अपने अनुचित कार्य करवाना चाहते थे। जिसके लिए मना करने पर इन लोगों ने निंदा प्रस्ताव का ओछा हथकंडा अपनाया।
लाडनूं बीडीओ पर बनाया नाजायज दबाव
बीडीओ पर नाजायज दबाव बनाने और चहेते सरपंचों को भेदभाव पूर्वक लाभान्वित करने के लिए जो कार्य आवंटन के लिए जोर दिया गया, उनके अनुसार पंचायत समिति स्तर की एफएफसी व एसएफसी योजनान्तर्गत निर्माण कार्यों की स्वीकृति जारी करवाना, पंचायत समिति की तीन दुकानों का किराया दस प्रतिशत बढ़ाकर वापिस उन्हीं किरायेदारों को आवंटित करना, जबकि इन तीन दुकानों पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर डीडवाना कुचामन से स्थगन आदेश हैं तथा लाडनूं पंचायत समिति के श्री हनुमान पशु मेला पाबोलाव (जसवंतगढ़) को अपने चहेतों को ठेके पर देने के लिए निविदा जारी करवाना शामिल था। इन कार्यों को विधिसम्मत रूप से करने की जानकारी देने पर विकास अधिकारी के विरुद्ध एक पक्षीय निंदा प्रस्ताव पारित करवाया गया।
निष्पक्ष जांच व कार्मिकों को संरक्षण दिए जाने की मांग
ज्ञापन में बताया गया है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच करवा कर इन विकास अधिकारी एवं सम्बंधित कार्मिकों को बिना किसी दबाव में कार्य करने एवं पंचायती राज के नियमों के अनुसार चलने के सम्बन्ध में संरक्षण प्रदान किया जाए। इसमें यह भी बताया गया है कि नागौर जिला परिषद् में जिला परिषद् सदस्यों की बैठक दिनांक 17-11-2025 एवं जिला डीडवाना में आयोजित दिशा की मीटिंग दिनांक 26-11-2025 में सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारी लाडनूं श्रीमती कुमुद सोलंकी के सम्बन्ध में इन वर्णित घटनाक्रम को जायज ठहराते हुए सम्बंधित अधिकारी एवं सांसद एवं सम्बंधित प्रधान के द्वारा अपने चहेतों को राशि वितरित करने का अनुचित दबाव बना रहे हैं। इसलिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि खण्ड विकास अधिकारी लाडनूं श्रीमती कुमुद सोलंकी का उचित पक्ष सुनकर जिन पंचायतों को पिछले 4 वर्षों में राशि वितरित नहीं की गयी है, उन पंचायतों को नियमानुसार राशि आवंटन करवाने एवं बीडीओ को संरक्षण प्रदान करवाया जाए। इस ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री एवं पंचायती राज विभाग के सचिव को भी भेजी गई है। ज्ञापन देने वालों में सरपंच गणेश चबराल, सरपंच मूल सिंह छपारा, सरपंच सुधीर शर्मा सांवराद, लीगल एडवाइज़र नगरपालिका गोविन्द सिंह कसूम्बी, घिरड़ौदा सरपंच भवानी सिंह, कालू सिंह हुडास महेन्द्र सिंह रताऊ आदि शामिल थे।





