राजस्थान की बड़ी न्यूज- राजस्थान में एसीबी का बड़ा धमाका, दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका के खिलाफ की कार्रवाई, ढाका नागौर में एसडीएम भी रह चुके रिश्वत मांगने के मामले में दूदू कलेक्टर के यहां एसीबी की छापेमारी, भू-रूपांतरण के लिए मांगी 25 लाख की घूस, डाक बंगले पर मंगाए थे 7.5 लाख कैश

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राजस्थान की बड़ी न्यूज-

राजस्थान में एसीबी का बड़ा धमाका, दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका के खिलाफ की कार्रवाई, ढाका नागौर में एसडीएम भी रह चुके

रिश्वत मांगने के मामले में दूदू कलेक्टर के यहां एसीबी की छापेमारी, भू-रूपांतरण के लिए मांगी 25 लाख की घूस, डाक बंगले पर मंगाए थे 7.5 लाख कैश

जयपुर/दूदू (kalamkala.in)। राजस्थान में एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजस्थान में दूसरे चरण का मतदान संपन्न होने के कुछ ही घंटे बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक कलेक्टर के घर पर छापा मारा है। इसके सााि ही राजस्थान में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। दूदू जिला कलेक्टर हनुमानमल ढाका के सरकारी आवास पर एसीबी ने रात 12 बजे दबिश दी और कई घंटों तक तलाशी ली। एसीबी की टीम ने वहां महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिश्वत मांगने के सबूत जब्त किए हैं। आरोप है कि दूदू कलेक्टर ने एक फर्म संचालक की जमीन का रूपांतरण करने की एवज में 25 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। ढाका पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संयुक्त सचिव पद पर रहे हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उपमहानिरीक्षक पुलिस प्रथम, डॉ. रवि के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जयपुर नगर द्वितीय, सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सर्च कार्रवाई की गई, जिसमें जिला कलेक्टर दूदू के निवास स्थान डाक बंगला दूदू व तहसील कार्यालय दूदू पर तलाशी की कारवाई हुई। भ्रष्टाचार के इस मामले में कलेक्टर आवास पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है.

204 बीघा जमीन के भू-रूपांतरण से जुड़ा है मामला

एसीबी के डीआईजी डॉ. रवि का कहना है कि पिछले दिनों एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी, कि दूदू में उनकी फर्म की 204 बीघा जमीन है। इस जमीन के कुछ खसरे तालाब किनारे के क्षेत्र में आ रहे हैं। इस तालाब क्षेत्र के खसरों का भू-रूपांतरण करने की शिकायत पटवारी के जरिए जिला कलेक्टर के पास गई हुई थी। बाद में फर्म मालिक के पक्ष में फैसला करने की एवज में कलेक्टर ने 25 लाख रुपए मांगे। हालांकि परिवादी पैसों का इंतजाम नहीं कर पाया। तकाजा करने पर 15 लाख रुपए के बदले काम करने का आश्वासन दिया गया। शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में दूदू कलेक्टर और पटवारी ने रिश्वत की डिमांड की। सौदा 15 लाख रुपए में तय हुआ, जिसमें 7.5 लाख कलेक्टर द्वारा अपने डाक बंगले पर मंगवाया जाना रिकॉर्डिंग वार्ता में स्पष्ट हुआ है। ऐसे में एसीबी द्वारा प्रारंभिक जांच में दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका और दूदू हल्का पटवारी हंसराज द्वारा रिश्वत की मांग करने का सत्यापन हुआ। जिस पर कलक्टर, पटवारी के खिलाफ पीसी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सर्च कार्रवाई की गई। जमीनी प्रकरण के निस्तारण को लेकर 25 लाख रुपए रिश्वत की डिमांड की गई थी। लेकिन बाद में 15 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।

7.5 लाख रुपए मंगवाए थे कलेक्टर ने

एसीबी के अफसरों के मुताबिक कुछ दिनों तक परिवादी रुपयों का इंतजाम करने के प्रयास में लगा था। इसी दौरान उसने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने के लिए एसीबी ने रिकॉर्डर देकर कलेक्टर के पास भेजा। इस दौरान कलेक्टर हनुमान मल ढाका ने परिवादी से 7.5 लाख रुपयों की डिमांड की। ये 7.5 लाख रुपए की रकम डाक बंगले स्थित ऑफिस में देने के लिए कहा था। रिकॉर्डर में सेव ऑडियो के आधार पर एसीबी ने शुक्रवार 26 अप्रेल की रात 12 बजे कलेक्टर के सरकारी बंगले पर छापा मारकर कार्रवाई शुरू की।

पटवारी हंसराज के ठिकाने पर भी सर्च

जिस क्षेत्र में परिवादी की जमीन है। उस हल्के के पटवारी की मिलीभगत भी लिप्त मानी जा रही है। ऐसे में एसीबी की दूसरी टीम ने पटवारी हंसराज के घर पर भी दबिश दी और सर्च की कार्रवाई शुरू की। आधी रात के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार सुबह तक जारी रही। हालांकि सर्च के दौरान क्या क्या दस्तावेज मिले। इसके बारे में एसीबी की ओर से फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

रिकॉर्डर में 7.5 लाख रु. मांगने का एसीबी का दावा

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के दौरान पीड़ित के साथ रिकॉर्डर भी भेजा गया था। इसमें साफ है कि दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका ने रिश्वत के करीब साढ़े सात लाख रुपए डाक बंगला स्थित अपने आवास पर मंगाए थे। अनुसंधान में प्रारंभिक तौर पर परिवादी की शिकायत, जिसमें रिश्वत मांग का सत्यापन का प्रकरण बनना पाया जाने पर न्यायालय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर से सर्च वारंट प्राप्त कर दूदू के जिला कलेक्टर के निवास स्थान, डाक बंगला दूदू एवं तहसील कार्यालय दूदू में तलाशी की कार्रवाई की गई। एसीबी के सूत्रों का कहना है कि 15 लाख रुपए में रिश्वत का सौदा होने के बाद कलेक्टर और पटवारी ने पीड़ित से 15 अप्रैल की शाम को पैसे डाक बंगले पर मंगाए थे। पीड़ित के पास पैसे की व्यवस्था नहीं हुई। इस पर उसने 4-5 दिन का समय मांग लिया था। फिर एसीबी में शिकायत की। पुख्ता सबूत होने के कारण एसीबी ने शुक्रवार को केस दर्ज कर लिया। उपमहानिरीक्षक (प्रथम) डॉ. रवि ने बताया कि परिवादी द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि दूदू में उसकी फर्म के नाम से 204 बीघा जमीन में से कुछ खसरे तालाब/पाल क्षेत्र में होने के कारण कन्वर्जन करवाए जाने की बात को लेकर एक शिकायत जिला कलेक्टर के पास होने पर उसमें कारवाई नहीं करने के ऐवज में दूदू कलेक्टर एवं पटवारी द्वारा परिवारी से 25 लाख रुपए की मांग कर परेशान किया जा रहा था, जिसमे 21 लाख रूपये लेना तय हुआ। 21 लाख रुपए परिवादी द्वारा ज्यादा होना बताकर 15 लाख रुपए लेना तय हुआ, जिसमें 7.5 लाख रुपए कलेक्टर द्वारा अपने डाक बंगले पर मंगवाया जाना रिकॉर्डिंग वार्ता में स्पष्ट हुआ हैं। ब्यूरो द्वारा प्रारंभिक जांच में दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका व पटवारी हंसराज द्वारा रिश्वत की मांग करने का सत्यापन करने के उपरांत दोनों के विरुद्ध पीसी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संयुक्त सचिव रहे थे कलेक्टर

राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बाद एसीबी ने दूदू कलेक्टर हनुमानमल ढाका के घर रिश्वत मामले में छापा मारा गया है। एसीबी ने इसी के साथ कलेक्टर के ऑफिस में भी छापामार कार्रवाई की। ढाका पूर्व सीएम गहलोत के संयुक्त सचिव रहे हैं। दूदू कलेक्टर हनुमान मल ढाका झुंझुनूं के रहने वाले हैं। वे प्रमोटी आईएएस हैं और एक साल पहले ही उनका आरएएस से आईएएस में प्रमोशन हुआ था। गौरतलब है कि हनुमान मल ढाका राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। पिछले साल ही आईएएस सेवा में पदोन्नत हुए हैं। पिछले साल वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संयुक्त सचिव रहे। आईएएस में प्रमोट होने के बाद उन्हें राजफैड के प्रबंध निदेशक बने। बाद में उन्हें खैरथल तिजारा का कलेक्टर बनाया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में हटाकर दूदू कलेक्टर लगाया था। दूदू में कार्यभार संभालते हुए अभी दो महीने ही हुए हैं और वे एसीबी के शिकंजे में आ गए। हनुमान मल ढाका नागौर, अजमेर, भरतपुर और झुंझुनूं में एसडीएम रह चुके हैं। 15 फरवरी से दूदू कलेक्टर लगे हुए हैं।
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Author: kalamkala

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